इटारसी: नया बस स्टैंड बने ‘सट्टे के अड्डे’, किसकी शह पर बेखौफ चल रहा है अवैध कारोबार?
बस स्टैंड पर खुलकर सामने आ रहा सांठगांठ का खेल, आखिर कौन है इस काले साम्राज्य का आका?
इटारसी। शहर के नया बस स्टैंड परिसर में कानून-व्यवस्था की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। प्रमुख सार्वजनिक स्थानों को सट्टा माफिया ने अपना सुरक्षित गढ़ बना लिया है। सुबह से लेकर देर रात तक यहाँ खुलेआम सट्टे की पर्चियां कट रही हैं और पैसों का बड़ा हेरफेर हो रहा है। सवाल यह उठता है कि क्या शहर की पुलिस और प्रशासन इस पूरे खेल से अनजान है, या फिर खाकी और खादी के किसी बड़े संरक्षण में यह अवैध धंधा फल-फूल रहा है?
दिन-दहाड़े दांव, आम जनता परेशान
पुराना बस स्टैंड पर सट्टा कारोबारियों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि उन्हें न तो पुलिस का खौफ है और न ही आम जनता का। दुकानों की ओट में, चाय-पान की गुमटियों के आसपास सट्टेबाज़ खुलेआम दांव लगवा रहे हैं।
आए दिन सट्टे के लेनदेन और हार-जीत को लेकर गुंडागर्दी, गाली-गलौज और मारपीट की नौबत आ रही है, जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
किसकी ‘छत्रछाया’ में चल रहा है यह काला धंधा?
शहर के प्रबुद्ध और जागरूक नागरिकों में इस बात को लेकर तीव्र आक्रोश है। लोगों का स्पष्ट कहना है कि बिना किसी बड़े प्रशासनिक संरक्षण के इतने बड़े पैमाने पर इलाकों में सट्टा चलना नामुमकिन है।
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क्या गश्त केवल कागजों पर है? बस स्टैंड,सट्टा माफिया बिना किसी डर के कैसे सक्रिय हैं?
प्रशासन की चुप्पी पर उठ रहे गंभीर सवाल
अगर समय रहते बस स्टैंड जारी इस अवैध नेटवर्क पर नकेल नहीं कसी गई, तो यह इटारसी शहर की शांति और युवाओं के भविष्य के लिए बड़ा खतरा साबित होगा। अब देखने वाली बात यह होगी कि पुलिस प्रशासन इस खबर के बाद नींद से जागता है और सट्टा माफिया की कमर तोड़ता है, या फिर यह अवैध कारोबार यूं ही निर्बाध रूप से चलता रहेगा।
विशेष रिपोर्ट: पत्रकार कुणाल पासवान
