टीकमगढ़। एक सशक्त पुलिस संगठन का आधार केवल प्रभावी कानून व्यवस्था नहीं, बल्कि उसके प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी का मनोबल, स्वास्थ्य और पारिवारिक संतुलन भी होता है। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस अधीक्षक मनोहर सिंह मंडलोई ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ एक कर्मचारी संवाद एवं समस्या निराकरण बैठक आयोजित की।
बैठक का उद्देश्य पुलिस परिवार के सदस्यों की व्यक्तिगत, स्वास्थ्य, पारिवारिक एवं सेवा संबंधी समस्याओं को आत्मीयता के साथ सुनना तथा उनका त्वरित एवं व्यवहारिक समाधान सुनिश्चित करना था। इस दौरान पुलिस अधीक्षक ने सभी कर्मचारियों से खुलकर संवाद किया और प्रत्येक विषय को गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ सुना।
बैठक में कई कर्मचारियों ने स्वास्थ्य, पारिवारिक परिस्थितियों, अवकाश एवं अन्य प्रशासनिक विषयों से संबंधित समस्याएं रखीं। पुलिस अधीक्षक ने प्रत्येक प्रकरण पर व्यक्तिगत रूप से चर्चा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए तथा कर्मचारियों को हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
बैठक के दौरान एक पुलिसकर्मी ने अपने बच्चे की गंभीर स्वास्थ्य समस्या से पुलिस अधीक्षक को अवगत कराया। पूरे प्रकरण को गंभीरता से सुनते हुए मनोहर सिंह मंडलोई ने बच्चे के बेहतर उपचार के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श लेने की सलाह दी तथा संबंधित कर्मचारी को आवश्यक अवकाश प्रदान करने के निर्देश दिए, ताकि वह अपने बच्चे के उपचार एवं देखभाल पर पूर्ण ध्यान दे सके। पुलिस अधीक्षक के इस मानवीय एवं संवेदनशील व्यवहार से कर्मचारी ने भावुक होकर उनके प्रति आभार व्यक्त किया।
बैठक में कर्मचारियों से जुड़े लंबित चिकित्सकीय एवं अन्य प्रशासनिक प्रकरणों की भी समीक्षा की गई। पुलिस अधीक्षक ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि कर्मचारी हित से जुड़े प्रत्येक मामले का निराकरण पारदर्शिता, संवेदनशीलता एवं समयबद्धता के साथ सुनिश्चित किया जाए।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक श्री मनोहर सिंह मंडलोई ने कहा कि “कर्मचारी कल्याण केवल प्रशासनिक औपचारिकता नहीं, बल्कि एक सशक्त, प्रेरित और जनसेवा के प्रति समर्पित पुलिस बल की आधारशिला है। जब पुलिसकर्मी मानसिक रूप से निश्चिंत और पारिवारिक रूप से संतुलित होगा, तभी वह समाज की बेहतर सेवा कर सकेगा।”
उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अनुशासन, समयपालन एवं कर्तव्यनिष्ठा के महत्व से भी अवगत कराया तथा नियमित परेड, प्रशिक्षण एवं विभागीय गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि संवेदनशील कार्यसंस्कृति के साथ अनुशासन पुलिस विभाग की सबसे बड़ी शक्ति है और दोनों के संतुलन से ही उत्कृष्ट पुलिसिंग संभव है।
बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विक्रम सिंह कुशवाहा, रक्षित निरीक्षक कनक सिंह चौहान सहित जिले के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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