ओम साइन विजन भोपाल द्वारा ठेके पर बैतूल के वार्डों में ठेके कर्मचारीयो द्वारा नगर पालिका बैतूल द्वारा कराए जा रहे UCC सर्वे में मांगी जा रही ओटीपी माध्यम से धोखाघड़ी की संभावना एवं पंजीकरण कर्ताओं युवाओं की प्राइवेसी (गोपनियता) लिक सार्वजनिक होने का खतरा
Betul 21 June 2026
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सार –
जिला बैतूल में वार्डों में ठेके कर्मचारियों को भेज कर ओम साइन विजन भोपाल द्वारा ठेके पर नगर पालिका बैतूल द्वारा कराए जा रहे UCC सर्वे में मांगी जा रही ओटीपी माध्यम से धोखाघड़ी की संभावना एवं पंजीकरण कर्ताओं युवाओं की प्राइवेसी (गोपनियता) सार्वजनिक होने का खतरा संभावना जिससे उनकी गोपनीयता लिक सार्वजनिक होकर विवादों की स्थिति बनने की संभावना प्रबल होती दिखाई दे रही है।
आखिर क्या है UCC जनसाधारण को नहीं अभी सही जानकारी
ज्ञात हो की आज ही समाचार पत्रों में UCC से संबंधित समाचार प्रकाशित हुआ है जिसकी जानकारी जनसाधारण को पूरी तरह ज्ञात नहीं है क्योंकि हर व्यक्ति तक आज ही समाचार पहुंच हो ऐसा जरूरी भी नहीं है. जनसाधारण तो छोड़िए जो शिक्षित समझदार है उन्हें भी अभी पूरी तरह से UCC की जानकारी नहीं है.
और आज ही ओम साइन विजन भोपाल संस्था अनुबंधित नगर पालिका जिला बैतूल द्वारा वार्ड़ों में अपने 8 अनुबंधित कर्मचारियों को भेज कर सर्वे के नाम पर (हां / ना) स्वीकृति और ओटीपी मांगने से स्थिति बड़ी भ्रमात्मक हो गई है. क्योंकि कुछ लोगों को ओटीपी माध्यम से धोखाधड़ी होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता.
UCC पंजीकरण किन लोगों के लिए है जरूरी
ज्ञात हो कि UCC रजिस्ट्रेशन लिव इन में रहने वाले युवक युवतियों के लिए आवश्यक हो सकता है. लिव इन रिलेशनशिप पर सरकार द्वारा आधिकारिक पोर्टल ( ucc.mp.gov.in ) ऑनलाइन सर्वे में पूछे गए सवालों पर जन समर्थन मिलने पर यह आने वाले ड्राफ्ट में बदलाव हो सकते हैं
बिना जाने युवा विवाहित वृद्ध किसी का भी कर रहे है रजिस्ट्रेशन
ओम साई विजन के अनुबंधित नगर पालिका बैतूल के ठेके कर्मचारीयो द्वारा वार्डों में घूम कर दूर तो दूर जाकर जो मिल रहे हैं युवक हो या बड़ी उम्र के व्यक्ति या वृद्ध जो भी मिले हर किसी का मोबाइल नंबर पर ऑनलाइन सर्वे में रजिस्ट्रेशन करने ऑनलाइन कर रहे हैं.
यहां एक बार ध्यान देने की है या तो उन कर्मचारियों को ज्ञात ही नहीं है कि यह लाइव इन रिलेशनशिप में युवाओं के पंजीकरण करने जरूरी है क्योंकि विवाहित या अन्य का पंजीकरण कराने का कोई अचित प्रतीत नहीं होता.
या फिर उन कर्मचारियों को सिर्फ अपना टारगेट पूरा करना मकसद दिखाई दे रहा है.
सरकार की योजना जो भी हो लेकिन सरकार को चाहिए कि जनसाधारण की प्राइवेसी हेतु ओटीपी नहीं लेना चाहिए क्योंकि इससे अधिकतर फ्रॉड होने की संभावना बढ़ जाती है और कुछ हद तक UCC के आड़ में कुछ स्कैमरो को भी ओटीपी मांग कर फ्रॉड करने का मौका मिल जाएगा/ मिल सकता है.

