टीकमगढ़, 1 जुलाई। बुंदेलखंड में तिल की खेती को अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में कृषि महाविद्यालय, टीकमगढ़ ने बड़ा कदम उठाया है। अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान तिलहन परियोजना (एआईसीआरपी) के तहत खरीफ-2026 में जिले के 60 किसानों के खेतों पर तिल की उन्नत ‘रामा’ किस्म के अग्रिम पंक्ति प्रदर्शन किए जाएंगे। इसके लिए मंगलवार और बुधवार को चयनित किसानों को प्रति किसान दो किलोग्राम प्रमाणित बीज वितरित किए गए। कार्यक्रम में करीब 70 किसानों ने भाग लिया।
वैज्ञानिकों ने बताया कि पश्चिम बंगाल से प्राप्त ‘रामा’ किस्म का वैज्ञानिक पद्धति से प्रदर्शन कर इसकी उत्पादन क्षमता, स्थानीय जलवायु में अनुकूलता और किसानों के लिए उपयोगिता का मूल्यांकन किया जाएगा। ग्राम पंडैर, नाचनवारा, करमराई और मदुमार के चयनित किसानों को बीज वितरित किए गए। परियोजना के अगले चरण में किसानों को आवश्यकतानुसार उर्वरक और खरपतवारनाशी भी उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि वैज्ञानिक तरीके से खेती कर बेहतर उत्पादन प्राप्त किया जा सके।
परियोजना प्रभारी एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. शिव रतन ने किसानों को बीजोपचार, संतुलित पोषण प्रबंधन, मृदा परीक्षण तथा कीट एवं रोग नियंत्रण की वैज्ञानिक तकनीकों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जोनल कृषि अनुसंधान केंद्र, टीकमगढ़ द्वारा विकसित तिल की दो नई उन्नत किस्में टीकेजी-22-55 और टीकेजी-22-01 को बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए पहचान मिल चुकी है। इनकी अधिसूचना के लिए प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा गया है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद अगले वर्ष किसानों को इन किस्मों के बीज उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
सीनियर टेक्निकल ऑफिसर एवं कीट वैज्ञानिक शोभाराम ठाकुर ने किसानों को उन्नत उत्पादन तकनीक, संतुलित उर्वरक प्रबंधन, मृदा परीक्षण, प्रमुख कीट एवं रोगों की पहचान तथा उनके समेकित प्रबंधन के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने ‘कृषि मैपर’ मोबाइल ऐप के उपयोग और उससे मिलने वाली कृषि संबंधी सुविधाओं से भी किसानों को अवगत कराया।
कार्यक्रम के अंत में किसानों ने वैज्ञानिकों के मार्गदर्शन के अनुसार तिल की खेती करने का संकल्प लिया। उनका कहना था कि ऐसे प्रदर्शन कार्यक्रमों से क्षेत्र में उन्नत खेती को बढ़ावा मिलेगा और उत्पादन के साथ किसानों की आय में भी वृद्धि होगी।
इस अवसर पर कृषि महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. डी.एस. तोमर के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में परियोजना प्रभारी डॉ. शिव रतन, सीनियर टेक्निकल ऑफिसर शोभाराम ठाकुर, एफईओ गोविन्द, भारतीय किसान संघ के तहसील अध्यक्ष रामचंद्र श्रोत्रिय सहित बड़ी संख्या में प्रगतिशील किसान उपस्थित रहे।

