टीकमगढ़। कलेक्टर श्री सुभाष कुमार द्विवेदी की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में मीजल्स रूबेला टीकाकरण तथा आयुष्मान योजना के संबंध में मीडिया कार्यशाला आयोजित की गई। इस अवसर पर सीएमएचओ डॉ पीके माहौर, जिला टीकाकरण,जिला स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ केएम वरूण, बीएमओ बड़ागांव धसान डाॅ शान्तनु दीक्षित, सहायक सूचना अधिकारी जनसंपर्क विभाग सुश्री शेफाली तिवारी, डीपीएम राम सिंह अमरूदे, मीडिया अधिकारी स्वास्थ्य विभाग मनोज नायक सहित संबंधित अधिकारीगण तथा मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यषाला में कलेक्टर श्री द्विवेदी ने बताया कि सर्दी, जुखाम, आंखे लाल, तेज बुखार आने पर खसरा रोग हो सकता है। खसरा रोग साइक्लिकल ट्रेड के अनुसार हर चैथे साल बीमारी महामारी का रूप धारण करती है। इसकी रोकथाम के लिये टीकाकरण किया जा रहा है। इसमें प्रमुख रूप से ऐसे बच्चे जो टीकाकरण से वंचित है, उन्हें चिन्हित कर टीके लगाये जायेंगे। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने आयुष्मान भारत डिजिटल स्वास्थ्य मिशन ए.वी.डी.एम. की शुरुआत की है। इस मिशन का लक्ष्य भारत के सभी नागरिकों को एक डिजीटल हेल्थ आई डी प्रदान करना है। इस आभा आई.डी. से आप बिना किसी बाधा के अपनी स्वास्थ्य जानकारी बिना पेपर के चिकित्सकों से साझा कर पायेगें। साथ ही उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत निरामय कार्ड योजना गरीब बीमार व्यक्तियों के उपचार के लिये वरदान साबित हो रही है। अतः सभी पात्र हितग्राहियों के आयुष्मान भारत निरामय कार्ड योजना के तहत कार्ड बनवायें जायें, ताकि उन्हें इस योजना का लाभ मिल सके। कलेक्टर श्री द्विवेदी ने मीडिया प्रतिनिधियों से अपील की कि मीजल्स रूवेला टीकाकरण से अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने हेतु सहयोग करें। उन्होंने मीडिया प्रतिनिधियों के जरिये समस्त अभिभावकों से भी अपील की कि निर्धारित दिवस पर अपने बच्चों को टीकाकारण हेतु स्कूल एवं आंगनवाड़ी केन्द्रों में अनिवार्य रूप से भेजें। साथ ही अपने संबंधीजन को भी एम.आर. के टीके लगाए जाने हेतु जानकारी प्रदाय कर प्रेरित करें जिससे कि शत-प्रतिशत बच्चों को एमआर वैक्सीन से टीकाकृत कर इन संक्रामक रोगों से बचाया जा सके। साथ ही सभी मीडिया प्रतिनिधि अपनी आभा आई.डी. बनवायें तथा नागरिकों को भी बनवाने के लिये प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही मीडिया प्रतिनिधि आयुष्मान भारत निरामय कार्ड योजना का अधिक से अधिक प्रचार करें, जिससे पात्र हितग्राहियों को इस योजना का लाभ मिल सके। कार्यषाला में सीएमएचओ डॉ. पीके माहौर ने बताया है कि जिले में आज राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस के अवसर पर मीजल्स रूवेला टीके से वंचित बच्चों का टीकाकरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिले की समस्त आंगनवाड़ी केन्द्रों में दर्ज 9 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों एवं समस्त शासकीय एवं निजी प्राईमरी, मिडिल एवं हाई स्कूल में दर्ज 15 वर्ष तक के बच्चों को मीजल्स रूबेला का टीका संबंधित आंगनवाड़ी केन्द्रों एवं स्कूलों में लगाया जा रहा है। मीजल्स एवं रूबेला बीमारी 9 माह से 15 वर्ष तक के बच्चों को होती है। उन्होंने खसरा रोग तथा रूबेला रोग के लक्षण तथा उसके बचाव हेतु विस्तार से जानकारी दी।
सीएमएचओ डाॅ. माहौर ने बताया कि दोनों बीमारियों की रोकथाम हेतु एम.आर. मीजल्स रूबेला टीकाकरण अभियान जिले में चलाया जाना है। उन्होंने बताया कि खसरा रोग अभी भी देवी प्रकोप के रूप में माना जाता है, जबकि वैक्सीन रोधक 12 बीमारियों में से सर्वाधिक जानलेवा घातक एवं तेजी से फैलने वाला यह वायरस की बीमारी है। इसके लिये खसरा सप्ताह 16 मार्च से प्रारंभ करते हुये मिजल्स रूवेला टीके से वंचित बच्चों का पूर्ण टीकाकरण किया जायेगा। उन्होंने बताया कि इसके अन्तर्गत स्कूल, आंगनबाडी में दर्ज बच्चे एवं इसके अलावा स्कूल एवं आंगनबाडी से छूटे हुए बच्चों को निःशुल्क टीका स्वास्थ्य कार्यकर्ता द्वारा निर्धारित दिवस में लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि एम.आर. टीकाकारण अभियान हेतु अधिक जानकारी स्कूल के टीचर,एएनएम,आशा,आंगनवाड़ी से सम्पर्क कर प्राप्त कर सकते हैं। कार्यषाला में सीएमएचओ डॉ. पीके माहौर ने बताया है इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग की एक और सेवा आभा आई.डी. के बारे में जानकारी देते हुये बताया कि आभा आईडी से आप बिना किसी बाधा के अपनी स्वास्थ्य जानकारी बिना पेपर के चिकित्सकों से साझा कर पायेगें। आभा आई.डी. निःशुल्क बनाई जाती है। किसी भी स्वास्थ्य संस्था जिला चिकित्सालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, हैल्थ वैलनेस सेंटर पर अपना आधार कार्ड एवं आधार कार्ड से लिंक मोबाइल नंबर लेकर जायें। आपकी आभा आई.डी. शीघ्र आपको बनाकर दी जायेगी। डाॅ. माहौर ने आयुष्मान योजना की जानकारी देते हुये बताया कि आयुष्मान भारत निरामयम योजना के तहत अलग-अलग बीमारियों के निःशुल्क इलाज के लिए अलग-अलग अस्पतालों को चिह्नित और संबद्ध किया गया है। पात्र चिन्हित परिवार प्रतिवर्ष 5 लाख रूपये तक की निःषुल्क चिकित्सकीय सुविधा का लाभ समस्त शासकीय अस्पताल एवं सरकार द्वारा चिहिन्त निजी अस्पतालों में प्राप्त कर सकेंगे। अस्पताल में इलाज कराने जाएं तो आयुष्मान के तहत वहां उपलब्ध मुफ्त उपचार के बारे में जानकारी अवश्य लें। योजना के बारे में सभी मीडिया प्रतिनिधियों से अनुरोध है कि उक्त योजनाओं के बारे में अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करें, जिससे जरूरतमंदों को इसका लाभ मिल सके। मीडिया कार्यषाला के अंत में कलेक्टर श्री द्विवेदी द्वारा जनप्रतिनिधियों को अभियान में सहयोग देने हेतु संकल्प दिलाया गया—संकल्प—हम सभी संकल्प लेते हैं कि जिस प्रकार टीकों के माध्यम से स्माॅलपाॅक्स, पोलियो एवं मातृ-शिशु टिटनेस बीमारी का अंत किया है, उसी प्रकार वर्ष 2019 माह में जनवरी 9 माह से 15 वर्ष के प्रत्येक बालक एवं बालिका को, दाहिने बाजू की चमड़ी में पीड़ा-रहित, एमआर का एक टीका लेकर 2 जानलेवा बीमारियों-मीजल्स एवं रूबेला से, भारतवर्ष को मुक्ति दिलायेंगे।——खसरा रोग के लक्षण—-खसरा एक बेहद संक्रामक रोग है यह इससे प्रभावित व्यक्ति के खांसने एवं छींकने पर फैलता है। सामान्य तौर पर खसरे के लक्षण हैं चेहरे एवं शरीर पर गुलाबी, लाल दाने या चकत्ते, अत्याधिक बुखार, खांसी, नाक का बहना एवं आंखों का लाल हो जाना। इस बीमारी से कुपोषण, अंधापन एवं मृत्यु तक हो सकती है। —–रूबेला के लक्षण—-बच्चों में यह रोग आमतौर पर हल्का होता है जिसमें गले में खरास, कम डिग्री का बुखार, मिचली एवं हल्की आंखे लाल हो जाती है। कान के पीछे एवं गर्दन में सूजी हुई ग्रन्थियां दिखने लगती हैं। संक्रमित वयस्क ज्यादातर महिलाओं में जोड़ों में पीड़ा होती है। यह वायरस लड़के एवं लड़कियां दोनों को संक्रमित कर सकता है। गर्भावस्था में रूबेला वायरस से संक्रमित स्त्री के गर्भ का विकास एवं नवजात शिशु का सही विकास नहीं होने से जीवन भर के लिए विकलांग हो सकता है एवं गर्भपात,समय से पूर्व प्रसव,मृत शिशु का जन्म भी हो सकता है।
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