टीकमगढ़ । विश्व गौरैया दिवस के अवसर पर बड़ागांव धसान क्षेत्र अंतर्गत आने वाले शासकीय माध्यमिक शाला मिथलाखेरा में बच्चों एवं शिक्षकों ने गौरैया संरक्षण हेतु तरह-तरह की घोसले बनाकर संदेश दिया बच्चों ने भी गौरैया संरक्षण के लिए पहल शुरू कर दी है वर्तमान में बढ़ते प्रदूषण फसलों में कीटनाशक दवा के बढ़ते प्रभाव और मोबाइल टावरों से निकली तरंगों से इस पक्षी के अस्तित्व पर संकट मंडरा रहा है। गौरैया संरक्षण के लिए बच्चों ने मिट्टी के छोटे-छोटे मटकों में छेद करके एवं घास फूस रखकर उन्हें सजाकर तरह तरह की घोसले बनाकर विद्यालय के कक्षाओं में लगाया, बच्चों को पूर्ण विश्वास है कि नन्नी नन्नी गौरैया विद्यालय में जरूरआएगी और इन्हीं घोसलों में आराम करेगी, और ची ची की मधुर आवाज हम सभी को सुनाएगी ।बच्चों ने गौरैया के चित्र भी इस अवसर पर उकेरे,,कुछ बच्चे तो अपने अपने घर से मिट्टी के घोंसले सजाकर लाए छात्र रामप्रसाद,रामेश्वर,संध्या,रोशनी,रक्षा,शिवम,अमन माधव सहित कई बच्चे घर से घोंसले बनाकर लाए,,एवम कई बच्चों ने आज घोंसले बनाकर लगाए,,सरोज रैकवार बहिन ने तो शानदार पेंटिंग कर गौरैया का चित्र बनाकर घोंसला बनाया। शिक्षक संजय जैन ने कहा कि गौरैया के लिए घोसले घर, विद्यालय, बाग बगीचे एवं अपनी बालकनी में अवश्य लगाएं और उन्हें दाना पानी हेतु सकोरे भी अवश्य लगाएं जिससे गौरैया का संरक्षण हो सके हम सभी को गौरैया संरक्षण के लिए आगे आना होगा वृक्षो की टहनियों पर बैठे पक्षियों की चहचहाहट मन को प्रसन्न कर देती है घरेलू चिड़िया गौरैया धीरे-धीरे विलुप्त होती जा रही है गौरैया संरक्षण के लिए प्रति वर्ष 20 मार्च को विश्व गौरैया दिवस मनाया जाता है। बहिन वर्षा राजपूत ने कहा कि घरेलू चिड़िया गौरैया की चहचहाहट हर किसी को रोमांचित कर देती है घर के आंगन में गौरैया की अठखेलियां ब चहचहाहट सभी को अपनी ओर आकर्षित करती है अतः हम सबको गौरैया चिड़िया के संरक्षण के बारे में सोचना होगा गर्मी के दिनों में घर की छत पर मिट्टी के बर्तन भरकर रखें एवं हरियाली बढ़ाएं घर की छतों पर घोंसला बनाने के लिए जगह छोड़े एवं गौरैया की घोषणा को नष्ट ना करें इस अवसर विद्यालय के शिक्षक शिक्षकाए,, संजय जैन ,महेश प्रसाद नायक संगीता गुप्ता,प्रियंका कारपेंटर आदि उपस्थित रहे।