टीकमगढ़ । प्रकरण की जानकारी देते हुऐ मीडिया सेल प्रभारी एन.पी.पटेल ने प्रेस को प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए बताया कि उक्त मामला थाना बल्देवगढ का होकर माननीय न्यायालय श्री अरविन्द सिंह न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी टीकमगढ के न्यायालय में विचाराधीन था । उक्त मामला इस प्रकार है कि फरियादी जग्गू अहिरवार निवासी भेलसी दिनांक 18.11.2022 को रात करीव 10 बजे अपने पिता को खेत पर खाना देकर घर आ गया था। उसके मकान के दो हिस्से है एक तरफ पक्का एवं एक तरफ कच्चा मकान है फरियादी का चचेरा भाई अशोक उसके घर पर आया और बोला कि उसका मोबाईल चार्ज पर लगा लो तब उसने अशोक का मोबाईल चार्ज पर लगाकर बाहर से ताला बंद करके बगल में बने पक्के मकान में परिवार सहित खाना खाकर सो गया था। तथा दिनांक 18-19.11.2022 की मध्य रात्रि करीब 1.30 बजे जब पेशाब करने उठा तो देखा कि उसके बगल वाले कच्चे मकान से 02 सिलेण्डर, उसके चचेरे भाई का मोबाईल एवं एक बोरी में रखे हुऐ 30 किलो गैंहू, कोई अज्ञात चोर घर का ताला तोडकर अंदर से चुराकर ले गया था। मामला पंजीबद्ध कर प्रथम सूचना रिपोर्ट लेख की गयी । प्रकरण विवेचना में लिया गया विवेचना के दौरान घटना स्थल पर जाकर घटनास्थल का नक्शामौका तैयार किया गया। साक्षियों के कथन लेखबद्ध किये गये। दिनांक 21.11.2022 को आरोपी विशाल वंशकार को अभिरक्षा में लिया जाकर पूंछतांछ कर उसके घारा 27 भारतीय साक्ष्य अधिनियम के मेमोरेण्डम कथन लेखबद्ध किये गये उसके कथनों के अधार पर अभियुक्त से उक्त सामन जप्त किया गया। विवेचना अपरांत अभियोगपत्र माननीय न्यायालय में पेश किया गया। जहां माननीय न्यायालय अभियुक्त विशाल वंशकार को दोषी मानते हुऐ घारा 457, 380 भा.दं.सं. के आरोपों में प्रत्येक के लिऐ तीन-तीन वर्ष का कठोर कारावास एवं 500-500 रू. कुल 1000.रू. के अर्थदंड से दंडित किया गया। उक्त मामले में पैरवी बृजेश असाटी, सहायक जिला अभियोजन अधिकारी टीकमगढ द्वारा की गई।

