टीकमगढ़ । बुंदेलखंड के हजारों वर्ष प्राचीन अतिशय क्षेत्र बंधा जी में मुनि श्री 108 विनम्र सागर जी महाराज अपने संघ के साथ विराजमान हैं। उनके सानिध्य में प्रतिदिन श्री जी का अभिषेक एवं शांति धारा हो रही है। 8.30 से प्रतिदिन मुनि श्री विनम्र सागर जी महाराज के प्रवचन हो रहे हैं प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु बंधा जी आकर धर्म लाभ ले रहे हैं। बंधा जी में 5 मुनिराजो के सानिध्य में सोमवार को जैन धर्म के अंतिम तीर्थंकर वर्तमान के शासन नायक भगवान महावीर स्वामी का जन्म कल्याणक मनाया गया प्रातः 7 से श्रीजी का अभिषेक वं शांति धारा संपन्न हुई । अनेक श्रद्धालुओं ने महावीर जयंती के पावन अवसर पर श्री जी का अभिषेक एवं शांति धारा कर धर्म लाभ लिया।
मुनि श्री ने महावीर जयंती के अवसर पर अपने प्रवचनों में कहा कि आज हम सभी जैन धर्म के अंतिम तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी का 2622 वाँ जन्म कल्याणक मना रहे हैं। महावीर स्वामी का जन्म चैत्र शुक्ल त्रयोदशी के दिन 599 ईसा पूर्व हुआ था। भगवान महावीर स्वामी ने संपूर्ण जगत को सत्य , अहिंसा, अचोर्य अपरिग्रह के बारे में बतलाया था। भगवान महावीर स्वामी का संदेश जियो और जीने दो संपूर्ण विश्व में आज भी प्रसांगिक है। मुनि श्री ने कहा कि संसार में दृश्य जगत को चलाने वाली अदृश्य शक्तियां होती हैं । संसार में जो दिखता है संसार उससे चलता नहीं है। चलाने वाली शक्ति कोई और होती है ।संसार का प्रत्येक व्यक्ति शक्तिमान है एक पर्याय से दूसरी पर्याय में बनाने के लिए काम करती हैं। महावीर स्वामी के पूर्व भव सिंह की पर्याय में था सिंह की पर्याय में लोभ की शक्ति को खत्म करने का प्रयास किया। अगले भव में भगवान महावीर स्वामी के रूप में अवतरित हुए। मुनि श्री विनम्र सागर जी महाराज ने कहा कि हमारा जीवन धन्य हो जाए यदि हम भगवान महावीर के इस छोटे से उपदेश का ही सच्चे मन से पालन करने लगें कि संसार के सभी छोटे-बड़े जीव हमारी ही तरह हैं, हमारी आत्मा का ही स्वरूप हैं। दोपहर 4 से भगवान महावीर स्वामी की शोभा यात्रा निकाली गई जो मूल मंदिर से शुरू होकर बेदी ग्राउंड पर पहुंची जहां पर श्रीजी का अभिषेक किया गया। प्रेस को यह तमाम जानकारी नगर की नंदीश्वर कॉलोनी निवासी प्रदीप जैन बम्होरी वालों ने व्हाट्सएप के माध्यम से प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी है।
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