नर्मदापुरम: आधुनिक तकनीक से बनेगा जमीनी रिकॉर्ड का डिजिटल डेटाबेस, कलेक्टर ने की ‘नक्शा पायलट प्रोजेक्ट’ की समीक्षा l
नर्मदापुरम। जिले में भू-अभिलेखों को अधिक सटीक और विश्वसनीय बनाने के लिए ‘नक्शा पायलट प्रोजेक्ट’ पर काम तेज हो गया है। सोमवार को कलेक्टर सोमेश मिश्रा की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें परियोजना की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।
सटीक सर्वेक्षण के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग
बैठक में बताया गया कि इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य नगरीय क्षेत्रों में आधुनिक सर्वेक्षण तकनीक, जीआईएस (GIS) और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से एक एकीकृत डेटाबेस तैयार करना है। इससे न केवल नक्शे बेहतर होंगे, बल्कि भूमि संबंधी अधिकारों के अभिलेख भी पूरी तरह विश्वसनीय और पारदर्शी हो सकेंगे।
माखननगर में तेजी से जारी है कार्य
तहसीलदार भू-संसाधन प्रबंधन सुरेखा यादव ने प्रोजेक्ट की वर्तमान स्थिति की जानकारी देते हुए बताया:
नगर परिषद माखननगर के अंतर्गत आने वाले ग्राम बाबई, कोठारिया और सेमरी खुर्द को कुल 10 सेक्टरों में बांटा गया है।
सेक्टर 2 से 10 तक के प्रकरण कलेक्टर न्यायालय में दर्ज किए जा चुके हैं, जबकि सेक्टर 1 की प्रक्रिया जारी है।
सेक्टर 7, 8, 9 और 10 में री-ड्रोन फ्लाई (Re-drone fly) का कार्य पूरा कर लिया गया है। नक्शे पोर्टल पर अपलोड होते ही ग्राउंड ट्रुथिंग (G.T.) की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
सेक्टर 2 और 6 में जी.टी. का कार्य पूरा होने के बाद अब बजट संबंधी प्रक्रिया की जा रही है।
जनप्रतिनिधियों और जनता की सहभागिता पर जोर
कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया कि इस योजना की सफलता के लिए आम नागरिकों का जागरूक होना अनिवार्य है। उन्होंने निर्देश दिए कि स्थानीय स्तर पर बैठकें आयोजित कर माखननगर अध्यक्ष, पार्षदों और आमजन को योजना के उद्देश्यों से अवगत कराया जाए ताकि कार्य में पारदर्शिता और जन-सहभागिता सुनिश्चित हो सके।
बैठक में मौजूद रहे वरिष्ठ अधिकारी
इस महत्वपूर्ण बैठक में जिला पंचायत सीईओ हिमांशु जैन, अपर कलेक्टर बृजेन्द्र रावत, नगर पालिका अध्यक्ष (माखननगर) श्रीमती रीना आकाश तिवारी, सिटी मजिस्ट्रेट देवेन्द्र सिंह, एसडीएम जय सोलंकी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

