नगर पालिका सभापति के पुत्र पर हमला करने वाले 6 आरोपी गिरफ्तार: ढाबे पर अड़ीबाजी और मारपीट करने वालों को पुलिस ने भेजा जेल I
इटारसी। फोरलेन स्थित यादव ढाबे पर बीते दिनों हुई चाकूबाजी और तोड़फोड़ के मामले में इटारसी पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। नगर पालिका सभापति के पुत्र आकाश यादव पर जानलेवा हमला करने वाले सभी 6 मुख्य आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर आज माननीय न्यायालय में पेश किया।
क्या था पूरा मामला?
घटना 8 मई 2026 की रात लगभग 10:30 बजे की है। फरियादी तुलसीराम अहिरवार ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि आरोपी ऋषभ (मोन्टी) सनकत और शुभम (सिम्मू) सोनकर यादव ढाबे पर आए और सिगरेट के साथ 1000 रुपये की अड़ीबाजी करने लगे। जब ढाबा संचालक आकाश यादव ने पैसे और फ्री सिगरेट देने से मना किया, तो आरोपियों ने गाली-गलौज शुरू कर दी। देखते ही देखते आरोपियों ने अपने अन्य साथियों को बुला लिया और चाकू व डंडों से आकाश यादव और तुलसीराम पर जानलेवा हमला कर दिया। इस दौरान ढाबे में जमकर तोड़फोड़ भी की गई थी।<थाना इटारसी में अप.क्र. 418/26 धारा 296, 119(1), 118(1), 115(2), 351(3), 324(4), 3(5) बी एन एस एस का कायम कर विवेचना में लिया गया I
पुलिस टीम ने घेराबंदी कर दबोचा
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में अनुविभागीय पुलिस अधिकारी (SDOP) द्वारा विशेष टीम का गठन किया गया। निरीक्षक गौरव बुंदेला के नेतृत्व में टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी ऋषभ और शुभम को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान अन्य साथियों के नाम सामने आए, जिसके बाद पुलिस ने दबिश देकर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम:
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ऋषभ सनकत उर्फ मोन्टी (31 वर्ष), निवासी सूरजगंज,इटारसी
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शुभम सोनकर उर्फ सिम्मू (25 वर्ष), निवासी 12वीं लाइन,इटारसी
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प्रेम कांत अहिरवार उर्फ लमची (22 वर्ष), निवासी पुरानी ,इटारसी
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निकेतन कहार उर्फ निक्की (23 वर्ष), निवासी पुरानी इटारसी
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कृष्णा उर्फ केश कुमरे (22 वर्ष), निवासी नई गरीबी लाइन,इटारसी
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यश उर्फ गोल्डी सोनकर (26 वर्ष), निवासी पुरानी गरीबी लाइन,इटारसी
इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिका
इस अंधे कत्ल की कोशिश और अड़ीबाजी के मामले को सुलझाने में निरीक्षक गौरव बुंदेला, उनि विपिन पाल, सउनि गुलाब तिवारी, प्र.आर. 484 मनमोहन अहिरवार, प्र.आर. 971 उपेन्द्र दुबे, आरक्षक 749 राजकुमार झपाटे, 535 महेन्द्र गुर्जर, 430 मनीष और 841 राजेश पवार की सराहनीय भूमिका रही।

आज का विचार
“अपराध का मार्ग थोड़े समय के लिए दबदबा दिखा सकता है,
लेकिन न्याय का मार्ग अंततः उसे सलाखों के पीछे ही पहुँचाता है।”
रिपोर्ट: कुणाल पासवान (इटारसी)

