इटारसी: रेलवे वॉशिंग साइडिंग की सुरक्षा में बड़ी चूक, बिना पुलिस वेरिफिकेशन के काम कर रहे बाहरी मजदूर l
इटारसी। शहर के अति-संवेदनशील रेलवे वॉशिंग साइडिंग क्षेत्र में सुरक्षा नियमों की खुलेआम अनदेखी का मामला सामने आया है। सूत्रों के अनुसार, यहाँ काम कर रहे दर्जनों बाहरी मजदूरों का अब तक पुलिस वेरिफिकेशन (चरित्र सत्यापन) नहीं कराया गया है, जो रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
रेलवे परिसर में नियमों की धज्जियां, जिम्मेदार कौन?
नियमों के अनुसार, रेलवे के किसी भी प्रतिबंधित या तकनीकी क्षेत्र में ठेके पर काम करने वाले हर श्रमिक का पुलिस सत्यापन अनिवार्य है। यह प्रक्रिया सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए की जाती है ताकि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की पहचान हो सके। लेकिन इटारसी वॉशिंग साइडिंग पर ठेकेदारों द्वारा इन नियमों को ताक पर रखकर काम कराया जा रहा है। स्थानीय सूत्रों का दावा है कि बिना किसी वैध पहचान पत्र और सत्यापन के ये मजदूर बेखौफ घूम रहे हैं। सवाल यह है कि रेलवे के जिम्मेदार अधिकारी इस बड़ी लापरवाही पर मौन क्यों हैं?
सुरक्षा पर गहराता खतरा: किसके संरक्षण में है यह खेल?
बिना वेरिफिकेशन के काम कर रहे इन अज्ञात लोगों की मौजूदगी से रेलवे की संपत्ति और क्षेत्र की सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है। आखिर किसकी शह पर ठेकेदार नियमों की अवहेलना कर रहे हैं? क्या रेलवे प्रशासन को इन मजदूरों की पृष्ठभूमि की जानकारी है? सूत्रों का कहना है कि यह पूरा खेल किसी प्रभावशाली संरक्षण में चल रहा है, जिसके कारण जांच एजेंसियां भी इस ओर ध्यान नहीं दे रही हैं।
प्रशासनिक और विभागीय जांच की मांग
क्षेत्र के नागरिकों और जागरूक जनों ने मांग की है कि रेल प्रबंधक (DRM) और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) को इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करना चाहिए। वॉशिंग साइडिंग पर कार्यरत सभी श्रमिकों के दस्तावेजों की सघन जांच होनी चाहिए और सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए।

