नर्मदापुरम /प्रदीप गुप्ता / सेठानी घाट पर चल रही पं. रामलाल शर्मा स्मृति समारोह के पंचम दिवसीय प्रवचन प्रसंग के समापन दिवस पर कथा व्यास श्रीमती कृष्णादेवी मिश्र ने मानस में पुष्पवाटिका प्रसंग पर प्रवचन करते हुए कहा कि समय यानी गुरु आयुसु पाई । लेन प्रसून चले दोउ भाई ।। पुष्पवाटिका के पूर्व एवं बाद के भाग को धनुष यज्ञ एवं सीता स्वयंवर में विभाजित किया है। भागवत में भगवान उद्भव जी से कहते हैं कि योग, सांख्य एवं धर्म स्वाध्याय , तप , त्याग से भी मैं बस में नहीं आता हूं। मैं केवल जो मेरी प्रीति मेरी चर्चा सत्संग करते हैं , वहां में रुक जाता हूं , मानस की सात खंडों में 7 बार भी बड़े भाग शब्द नहीं आया है। सत्संग की महिमा स्थापित करते हुए आपने कहा कि सत्संग बड़े भाग्य से मिलता है। गोपी गीत में कुल 19 श्लोक हैं, आपने विस्तारपूर्वक पुष्प वाटिका प्रसंग की विस्तार से चर्चा की ,भक्तों का भगवान से सत्संग में ही मिलन होता है, जनक नंदिनी श्रद्धा रूपी पार्वती जी का पूजन करतीं है। आपने रामचरितमानस के साथ श्रीमद भगवत गीता के भी सुंदर प्रसंगों का सुंदर वर्णन किया । पंच दिवसीय ज्ञान सत्र के सफल आयोजन के लिए शर्मा परिवार से पं रामलाल शर्माजी के पौत्र डॉ वैभव शर्मा ने मानस की चौपाइयों का उल्लेख करते हुए सभी का आभार व्यक्त किया । कार्यक्रम के प्रारंभ में पं रामलाल शर्मा के पौत्र पीयूष शर्मा , वैभव शर्मा , तुलसी मानस प्रतिष्ठान के अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद रघुनंदन शर्मा , सचिव कैलाश जोशी , सुरेंद्र सिंह सोलंकी प्रांत प्रमुख सेवा भारती , श्रीमती माया नारोलिया प्रदेश अध्यक्ष भाजपा महिला मोर्चा , अयान भट्ट प्रांत प्रमुख सोशल मीडिया सेल राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ , समिति के सचिव प्रशांत दुबे मुन्नू , सुखदेव भार्गव, संजय शर्मा , विक्रम सिंह राजपूत ने पूज्य श्रीमती कृष्णा देवी जी का पुष्पहारों स्वागत किया। भजनांजली में सुरभि वशिष्ठ , सौम्या वशिष्ठ ने गायन की प्रस्तुति की। हारमोनियम पर पंडित राम परसाई गिटार पर आदित्य परसाई , तबला पर आंनद नामदेव , मजीरे पर सक्षम पाठक ने प्रस्तुति दी ।

