इटारसी/ प्रदीप गुप्ता / महाविद्यालय में गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ के अंतर्गत व प्राणीशास्त्र विभाग द्वारा “विश्व जल दिवस” पर जल के दुरुपयोग को खत्म करने हेतु “वर्तमान समय में जल के संरक्षण एवं प्रबंधन की आवश्यकता” विषय पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आर. एस. मेहरा ने कहा कि मानव स्वास्थ्य, खाद्य सुरक्षा, ऊर्जा उत्पादन और आर्थिक विकास सहित जीवन के सभी पहलुओं के लिए जल आवश्यक होता है। कार्यक्रम समन्यक डॉ. संजय आर्य ने बताया कि जल एक सीमित संसाधन है। इसका उपयोग सुनिश्चित कर जिम्मेदारी से इसका संरक्षण तथा प्रबंधन करें। हम सभी पानी के मूल्य को पहचानें और आने वाली पीढ़ियों के लिए इसके संरक्षण के लिए कदम उठाएं। डॉ. कुमकुम जैन ने कहा कि जल के मैप तथा संरक्षण को समझें तथा संरक्षण के प्रति जागरूकता पैदा करें व जल के महत्व को समझ कर उसे अपने जीवन में शामिल करें। डॉ. हरप्रीत रंधावा ने कहा कि पानी के महत्व और इसके संसाधनों के स्थाई प्रबंधन पर ध्यान केंद्रित करने के उद्देश्य से विश्व जल दिवस मनाया जाता है। इसका मुख्य फोकस सतत विकास लक्ष्य पाने के लिए 2030 तक सभी के लिए पानी और स्वच्छता के समर्थन में वैश्विक जल संकट से निपटने के लिए कार्रवाई करने के लिए प्रेरित करना है। संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा विश्व जल दिवस 2023 के लिए अक्सेलरेटिंग चेंज थीम का चयन किया गया है। इस थीम के अंतर्गत संयुक्त राष्ट्र द्वारा वैश्विक स्तर पर लोगों को बदलाव का वाहक बनने का आह्वान किया गया है, जिससे की अपने जीवन में जल का समुचित उपयोग करके हम सभी जल संरक्षण के वृहद् आंदोलन को गति प्रदान कर सकते है। गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ महाविद्यालय में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय दिवसों का आयोजन कर छात्राओं को जागरूक बनाने का प्रयास करता रहेगा। श्री अमित कुमार ने कहा कि नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार वर्तमान समय में लगभग 60 करोड लोग जल समस्या का सामना कर रहे हैं तथा स्वच्छ जल उपलब्ध ना होने की वजह से प्रतिवर्ष लगभग 2 लाख लोगों की मृत्यु हो जाती है। जल क्रांति के माध्यम से जल प्रबंधन एवं संरक्षण द्वारा जल संकट का सामना किया जा सकता है। इस अवसर पर डॉ. कुमकुम जैन, डॉ. हरप्रीत रंधावा, श्रीमती मंजरी अवस्थी, श्री स्नेहांशु सिंह, डॉ. संजय आर्य, श्रीमती पूनम साहू, अमित कुमार, डॉ. शिरीष परसाई, डॉ. शिखा गुप्ता, कु. तरूणा तिवारी, कु. रश्मि मेहरा, कु. क्षमा वर्मा, कु. प्रिया कलोसिया, कु. रश्मि मेहरा एवं छात्राएँ उपस्थित थी।

