प्रदीप गुप्ता/ नर्मदापुरम/ जिले में मॅूग खरीदी हेतु कुल 74456 किसानों ने पंजीयन कराया, जिसमें से 55,476 किसानों के द्वारा मॅूग बेची गयी। परन्तु 18980 किसानों के पंजीयन के बाद मूॅूग बेचने न आना तथा वर्ष 2022 में जुलाई से 30 सितम्बर तक समर्थनमूल्य पर मूॅूग खरीदी में 26 करोड़ रूपये एवं वर्ष 2021 में 20 करोड़ रूपये का गोलमाल गुणवत्ताविहीन होने एवं रिजेक्ट होने से एक बड़े भष्टाचार एवं आर्थिक अनियमितताओं का अंजाम देकर गोलमाल किये जाने पर बैंक प्रशासक एवं कलेक्टर नीरज कुमार सिंह सहित आयुक्त को नागरिक अधिकार जनसमस्या निराकरण कमेटी के अध्यक्ष आत्माराम यादव ने शिकायत कर मामले की अनुविभागीय अधिकारियों से जॉच कराने एवं समितियों के प्रबधकों की जिम्मेदारी तय कर उक्तों पर आपराधिक मामला कायम करने की मॉग की है। नागरिक अधिकार जनसमस्या निराकरण समिति के अध्यक्ष के अनुसार जुलाई-सितम्बर 2022 में 88 खरीदी केन्द्रों द्वारा विभिन्न वेयरहाउसों पर परिवहन की समस्या से बचते हुये मूग खरीदी की गयी थी। 55 हजार 476 किसानों के द्वारा कुल 15 लाख 76 हजार 579.86 क्विंटल मूंग बेची गयी परन्तु वेयरहाउसों में 23,312 क्विंटल मॅूग जिसकी कीमत 16करोड़ 84 लाख 29 हजार 200 रूपये है अस्वीकृत कर दी गयी वही पर 219 किसानों से खरीदी गयी 6120.7 क्विंटल 4 करोड़ 42 लाख 17 हजार रूपये की मूंग परिवहन नहीं बतलाकर गोलमाल किया गया। श्री यादव के अनुसार कृषक सहकारी समिति देवगॉव पिपरिया के खरीदी केन्द्र इशिता वेयर हाउस राईखेड़ी में 1722 क्विंटल मूंग, वृहत्ताकार सेवा सहकारी समिति सेमरीहरचन्द के खरीदी केन्द्र भाग्यश्री वेयर हाउस बम्होरी खुर्द में 1080 क्विंटल मूॅूग,सेवा सहकारी समिति ठीकरी भिलाडिया केन्द्र-गजानन्द वेयर हाउस में 845 क्विंटल मूंग, सेवा सहकारी समिति नवलगॉव सोहागपुर मण्डी का केन्द्र मॉ नर्मदा वेयरहाउस माछा में 1012 क्विंटल एवं सेवा सहकारी समिति बहारपुर के केन्द्र शिवशंकर वेयर हाउस में 703 क्विंटल मॅूग कुल-4601.50 क्विंटल मूंग जिसकी कीमत 3 करोड़ 32 लाख 42 हजार,925 रूपये है,उक्त केन्द्रों की मॅूग गुणवत्ताविहीन होने से रिजेक्ट कर जमा नहीं की गयी है। 26 करोड़ से अधिक की मॅूग खरीदी के समय अस्वीकृत , जमा नहीं की करने एवं रिजेक्ट को इन गोदामों के द्वारा समायोजित कर सरकार के साथ छलावा एवं धोखाधडी को अंजाम दिया गया है। नागरिक अधिकार समिति के अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार का खेल जिला सहकारी बैंक के मुख्यकार्यपालन अधिकारी आर.के.दुबे के द्वारा कर्मचारियों से मिलीभगत कर कमीशनखोरी एवं उपार्जन हेतु प्रतिक्विंटल व्यय की तय मात्रा में अधिक के प्रस्ताव बनाकर करोड़ों रूपये का की काली कमाई के लिये खेला जा रहा है। गत वर्ष 2021-22 में भी 20 करोड़ रूपये का यह घोटाला किया जा चुका है। जिसमें 75,780 किसानों से 85 लाख 40 हजार 127 क्विंटल गेहॅू क्रय किया गया किन्तु 5595 क्विंटल गेहॅू की घटती नुकसानी बताई वही गोदामों द्वारा 70 हजार 844 क्विटल गेहॅू रिजैक्ट कर 15 करोड़ 9 लाख 67 हजार 25 रूपये का गोलमाल हुआ और यही आलम मॅूग खरीदी में देखने को मिला जिसमें 7171 क्विंटल अस्वीकृत की गयी है। जिसके लिये अब तक किसी को जबावदेह नही ठहराया गया है । चॅूकि कलेक्टर जिला सहकारी बैंक के प्रशासक भी है। इसलिये दो वर्षो मे खरीदी में हुये इस गोलमाल की जॉच उनके द्वारा अनुविभागीय अधिकारी से कराये जाने पर जिले में चल रहे इस भ्रष्टाचार पर से पर्दा उठ सकेगा तथा समितियों में उपायुक्त कार्यालय के सभी अंकेक्षकों के बतौर प्रशासक रहते यह सब होना और उन्हें आर्थिक अनियमितताओं एवं भ्रष्टाचार के लिये क्लीनचिट देकर कर्मचारियों को धारा 58 बी में आरोपित बनाया जाने की अपेक्षा इन प्रशासकों पर भी जिम्मेदारी तय करने की मॉग की गयी है।

