

नर्मदापुरम /विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल नर्मदापुर नगर समिति द्वारा पूर्व में नगर पालिका को ज्ञापन सौंपकर यह मांग की गई थी कि नगर पालिका के अधिकारियों द्वारा गौ माता और बैलों को पकड़कर शहर से बाहर जंगल में छोड़ा जाना न केवल अमानवीय कृत्य है, बल्कि यह हिंदू समाज की आस्था का घोर अपमान भी है। बजरंग दल ने पूर्व में नगर पालिका को आवेदन देकर कहा था कि हम गौ माता को पशु नहीं, अपनी माता समान पूजते हैं, और उनका इस प्रकार जंगलों में फेंकना हमारी धार्मिक भावनाओं के विरुद्ध है। किन्तु इसके बावजूद भी नगर पालिका द्वारा एक सप्ताह के बाद दोबारा इसी कृत्य को दोहराया गया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि संबंधित अधिकारी न तो धार्मिक भावनाओं की कद्र करते हैं और न ही समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझते हैं। आज वुधवार को बजरंग दल नगर समिति द्वारा सिटी कोतवाली में जाकर ऐसे अमानवीय कार्य में लिप्त नगर पालिका अधिकारी के विरुद्ध एक लिखित ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें दोषियों पर कड़ी से कड़ी कानूनी कार्यवाही की मांग की गई है। बजरंग दल की मुख्य मांगें हैं कि गौ माता को जंगल में छोड़ने की प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाई जाए। दोषी नगर पालिका अधिकारियों पर कानूनी कार्रवाई की जाए। सभी गौ वंश को गौशालाओं में सुरक्षित स्थान दिलाया जाए। नगर में स्थायी गौ संरक्षण केंद्र की व्यवस्था की जाए। यदि इस गंभीर विषय पर शीघ्र ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो बजरंग दल उग्र जन आंदोलन हेतु बाध्य होगा।

