
नर्मदापुरम / शासकीय गृहविज्ञान स्नातकोत्तर अग्रणी महाविद्यालय में आज गुरुवार को भारतीय ज्ञान परंपरा के अंतर्गत गुरु पर्व का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रसारित गुरु पूर्णिमा महोत्सव कार्यक्रम का लाइव प्रसारण महाविद्यालय परिवार एवं छात्राओं ने देखा। इस अवसर पर मुख्य अतिथि नित्य गोपाल कटारे, महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ श्रीमती कामिनी जैन, गृहविज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. भारती दुबे, भारतीय ज्ञान परंपरा प्रभारी आर के चौकीकर ने मंच पर अपनी गरिमा में उपस्थिति प्रदान की।
मां सरस्वती की पूजन दीप प्रज्ज्वलन एवं अतिथियों के स्वागत उपरांत कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ श्रीमती कामिनी जैन ने अपने उद्बोधन में कहा कि इस सत्र से भारतीय ज्ञान परंपरा पाठ्यक्रम में सम्मिलित किया गया है। भारतीय संस्कृति प्राचीन काल से ही गुरु शिष्य परंपरा का परिवहन करती रही है। डॉ. जैन ने गुरु वशिष्ट, गुरु सांदीपनी, गुरु चाणक्य की गुरु परंपरा के बारे में बताते हुए कहा कि बिनु गुरु होई न ज्ञान। विद्यार्थी जीवन में अनुशासन का अत्यंत महत्व है। गुरु सिर्फ किताबी ज्ञान ही नहीं अपितु आपके व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास करता है। आपकी प्रथम पाठशाला परिवार एवं प्रथम गुरु मां होती है। डॉ. जैन ने कहा कि महाभारत के रचयिता महर्षि वेदव्यास के जन्मदिन के अवसर पर गुरु पूर्णिमा पर्व मनाया जाता है। गुरु पूर्णिमा वर्षा ऋतु के आरंभ में आती है। इस अवसर पर संत एक स्थान पर रुककर ज्ञान गंगा बहाते हैं। यह चार महीने अध्ययन की दृष्टि से सर्वश्रेष्ठ माने जाते हैं। भारतीय ज्ञान परंपरा प्रभारी आर के चौकीकर ने विषय प्रवर्तन करते हुए कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा के प्रकोष्ठ के अंतर्गत कार्यक्रम का वर्ष भर क्रियान्वयन होना है। भारतीय समाज में प्राचीन समय से ही गुरु का महत्व रहा है । गुरु स्वयं प्रज्वलित होकर समाज को प्रकाशमान करता है। मुख्य अतिथि नित्य गोपाल कटारे ने अपने उद्बोधन में कहा कि गुरु पर्व भारतीय परंपरा की एक अमूल्य निधि है। गुरु परंपरा ध्यान के हस्तांतरण का सशक्त माध्यम है । ज्ञान के हस्तांतरण की प्रक्रिया कठिन है। श्रद्धावान लभते ज्ञानम। ज्ञान के हस्तांतरण में ध्यान अत्यंत महत्वपूर्ण है। हमारे प्राचीन साहित्य अत्यंत बृहद है उनसे ज्ञानर्जन कर लाभान्वित होने की आवश्यकता है। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. श्रुति गोखले ने एवं आभार डॉ. सी एस राज ने किया। इस कार्यक्रम में डॉ. पुष्पा दुबे, डॉ. रश्मि श्रीवास्तव , डॉ. संध्या राय, डॉ. संगीता अहिरवार , डॉ. आर बी शाह , डॉ. चंद्रशेखर राज, डॉ. रामबाबू मेहर, डॉ. पी आर मानकर, डॉ. हर्षा चचाने, डॉ. रागिनी सिकरवार, डॉ दुर्गेश तेली, डॉ. वैशाली लाल, डॉ. धर्मेंद्र सिंह, प्रेमकांत कटंगकर, डॉ. मधु विजय, डॉ. कीर्ति दीक्षित, डॉ. मनीषा तिवारी, डॉ. घनश्याम डेहरिया, डॉ. रफीक अली, डॉ विजया देवासकर, डॉ. आकांक्षा चौधरी, अजय तिवारी, श्रीमती आभा बाधवा, शैलेन्द्र तिवारी, श्रीमती प्रीति ठाकुर, श्रीमती शिवानी जोशी, धीरज खातरकर, डॉ. रीना मालवीय महाविद्यालय स्टाफ एवं भारी संख्या में छात्राओं उपस्थित रही।
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