

ग्वालियर / तरूण सिंह अनन्यतः विशेष न्यायाधीश लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम एवं एकादशम जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश / विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट जिला ग्वालियर द्वारा आरोपी जन्डेल गुर्जर पुत्र विनोद परिहार आयु लगभग 21 वर्ष, निवासी ग्राम रिठौरा सराय छोला जिला मुरैना म.प्र. संजीव गुर्जर पुत्र स्व. रोशन सिंह गुर्जर, आयु-लगभग 25 वर्ष, निवासी-ग्राम डांग चराई थाना घाटीगांव जिला ग्वालियर म.प्र. एवं आकाश गुर्जर पुत्र गब्बर सिंह गुर्जर,आयु-लगभग 23 वर्ष, निवासी ग्राम डांग चराई थाना-घाटीगांव जिला-ग्वालियर अन्य को सत्र प्रकरण कंमांक 57/2024 धारा-449 भा.द.सं. के अधीन 7 वर्ष का कठोर कारावास व 1000 रूपये अर्थदंड, धारा-376डी भा.दं.सं. सहपठित धारा 3(2) (v) एससी/एसटी अधिनियम के अधीन आजीवन कारावास व 20,000/- रुपए का अर्थदंड, धारा 323/34 (दो शीर्ष) भा.दं.सं. सहपठित धारा 3(2) (va) एससी/एसटी अधिनियम के अधीन 6 माह का कठोर कारावास व प्रत्येक शीर्ष हेतु 500/- रुपए का अर्थदंड तथा धारा-506 भाग-2 भाद.सं. के अधीन 1 वर्ष का कठोर कारावास व 1000/- रुपए के अर्थदंड दंडित किया गया एवं पीडिता को 5,00,000 रूपये प्रतिकर एवं सहायता राशि प्रदान करने हेतु आदेशित किया गया है। अभियोजन की ओर से पैरवी करने वाले विशेष लोक अभियोजक आशीष राठौर ने प्रकरण की घटना के बारे में बताया कि थाना भंवरपुरा के अतंर्गत आने वाले गांव में पीडिता का परिवार शिवपुरी से मजदूरी करने आया था और टपरा बनाकर निवास कर रहा था। दिनांक 30.01.2024 को रात्रि के लगभग 12:00 बजे पीडिता आयु-लगभग 16 वर्ष अपने छोटे भाई को टॉयलेट कराने के लिए घर से बाहर आई थी तभी उनके घर के बाहर तीन व्यक्ति खडे थे, जिनमें से दो व्यक्तियों ने उसकी पुत्री को पकड़ लिया और एक व्यक्ति हाथ के सहारे पीडिता के भाई को रोककर खड़ा हो गया। पीडिता और उसके भाई के चिल्लाने पर पीडिता के माता-पिता बाहर आ गए। उन्होंने उनके बच्चों को छोड़ने के लिए कहा तो तीनों ने लाठी व डंडों से उनकी मारपीट की। जिससे पीडिता की माता को बांए हाथ की कलाई एवं कंधे में तथा पीडिता के पिता को पीठ व कमर में चोट आई। उन तीन व्यक्तियों में से एक व्यक्ति ने कट्टा निकालकर पीडिता के पिता के सीने पर रख दिया और बोला कि जैसा हम कह रहे हैं, वैसा करो नहीं तो अभी सभी को जान से खत्म कर देंगे। उक्त धमकी देकर तीनों में से एक व्यक्ति पीडिता को उनके घर के अंदर ले गया और जबरदस्ती पीडिता के साथ दुष्कर्म किया। वह पहला व्यक्ति बाहर आया तब दूसरा व्यक्ति पीड़िता को घर के अंदर ले गया और उसने भी पीडिता के साथ दुष्कर्म (गलत काम) किया। आवाज सुनकर मौके पर उनका पड़ोसी भी आ गया था। जाते समय तीनों ने धमकी दी कि यदि यह बात किसी को या पुलिस को बताई तो तुम्हारे परिवार को जान से खत्म कर देंगे। तीनो के जाने के उपरांत सुबह के समय उन्होंने 100 नंबर पर फोन लगाया तब कुछ देर पश्चात् थाना घाटीगांव से 100 नंबर वाहन वहां आ गया और वहां से पुलिस वाले उन्हें घाटीगांव लेकर आए। थाना घाटीगांव को जानकारी मिल की घटना स्थल थाना भंवरपुरा है, तब उक्त घटना की प्रथम सूचना रिपोर्ट थाना भवरपुरा में लेख कराई गई जो थाना भंवरपुरा के अपराध कं. 04/2024 अंतर्गत धारा-323, 378, 378बीए, 458, 506, 34 भा.दं.सं. धारा 3/4 5जी/6 पॉक्सो अधिनियम 2012, धारा 3(2)(v), 3(1) अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (नृशंसता निवारण) अधिनियम 1989 (संशोधन 2015) एवं धारा-25 27 आयुध अधिनियम 1959 के अधीन तीन अज्ञात व्यक्तियों के विरूद्ध पंजीबद्ध की गई।
शासन द्वारा उक्त प्रकरण को चिन्हित एवं जघन्य सनसनीखेज प्रकरणों की सूची में रखा गया था।
अन्वेषण के दौरान आरोपीगण की जेल में तहसीलदार के समक्ष पीडिता एवं उसके माता-पिता द्वारा पहचान की गई और बताया गया उन आरोपीगण के द्वारा ही अपराध कारित किया गया है। न्यायालय में समस्त साक्षीगणों के कथनों के उपरांत अंतिम तर्क हुये जिसमें ए.डी.पी.ओ. द्वारा आरोपीगण द्वारा अपराध किया जाता प्रमाणित होने के तर्क दिये एवं पीडिता को आर्थिक सहायता दिये जाने का निवेदन किया।
न्यायालय ने अभियोजन के तर्कों से सहमत होकर आरोपीगण को दोषसिद्ध किया गया एवं पीडिता को पाँच लाख रूपये की आर्थिक सहायता दिये जाने का आदेश पारित किया गया।

