इटारसी -शादी का झांसा देकर रेप करने वाले पुलिसकर्मी को 10 साल की कठोर सजा।
नर्मदापुरम। कानून के रखवाले ही जब कानून तोड़ने लगें, तो न्यायपालिका का सख्त रुख समाज में विश्वास जगाता है। नर्मदापुरम कोर्ट ने एक बड़ा फैसला सुनाते हुए प्रधान आरक्षक सौरभ तोमर को युवती से दुष्कर्म के मामले में 10 साल के कारावास की सजा सुनाई है।
शुक्रवार को जब कोर्ट ने अपना फैसला पढ़ा, तब दोषी पुलिसकर्मी अदालत में ही मौजूद था। फैसले के तुरंत बाद उसे हिरासत में ले लिया गया।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला प्रेम प्रसंग और धोखे से जुड़ा है। सजा पाने वाला प्रधान आरक्षक सौरभ तोमर मूल रूप से इटारसी का रहने वाला है और उसकी नियुक्ति अनुकंपा के आधार पर हुई थी।
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धोखा और शोषण: सौरभ का एक युवती के साथ लंबे समय से प्रेम प्रसंग चल रहा था। आरोप है कि उसने युवती को शादी का झांसा दिया और उसके साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाए।
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वादे से मुकरा: जब युवती ने शादी का दबाव बनाया, तो सौरभ अपने वादे से मुकर गया।
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FIR और गिरफ्तारी: शादी से इंकार के बाद पीड़िता ने वर्ष 2025 में शिकायत दर्ज कराई थी। उस समय सौरभ तोमर पचमढ़ी थाने में पदस्थ था।
कोर्ट का फैसला और विभागीय कार्रवाई
पुलिस की विवेचना और पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने सौरभ को दोषी पाया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि पद और प्रभाव का इस्तेमाल कर किसी की गरिमा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

