शासकीय कार्य में बाधा और धोखाधड़ी पर इटारसी नगर पालिका सख्त, ठेकेदार राजेश अग्रवाल के खिलाफ FIR हेतु आवेदन I
साफ-सफाई सामग्री और मलेरिया ऑयल की सप्लाई न करने पर अध्यक्ष पंकज चौरे ने उठाया कड़ा कदम भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज करने पुलिस को सौंपा ज्ञापन
इटारसी। नगर की जनता के स्वास्थ्य और साफ-सफाई व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने वाले ठेकेदारों व एजेंसियों के खिलाफ नगर पालिका परिषद इटारसी ने पूरी तरह से कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। स्वच्छता सर्वेक्षण के इस बेहद महत्वपूर्ण समय में साफ-सफाई सामग्री और कीटनाशक दवाओं की सप्लाई जानबूझकर रोकने और शासकीय अनुबंध का खुला उल्लंघन करने के मामले में एक बड़ी कार्रवाई की गई है। नगर पालिका अध्यक्ष श्री पंकज चौरे (अधिवक्ता) ने ‘मां रेवा इंटरप्राइजेस’ के प्रोपराइटर राजेश अग्रवाल के विरुद्ध थाना प्रभारी इटारसी को आपराधिक प्रकरण दर्ज करने हेतु आवेदन प्रेषित किया है।
नगर पालिका परिषद इटारसी द्वारा शहर की सुचारू सफाई व्यवस्था और जनस्वास्थ्य के लिए निविदाएं जारी कर ‘मां रेवा इंटरप्राइजेस’ (सूरजगंज, इटारसी) को गत 7 मई 2026 को दो अलग-अलग महत्वपूर्ण कार्य आदेश जारी किए गए थे।
इस दौरान ज्ञापन सौंपने वालों में प्रमुख रूप से सभापति राकेश जाधव, मंजीत कलोसिया, पार्षद कीर्ति दुबे, अमित विश्वास, राहुल प्रधान, शुभम गौर, जिम्मी कैथवास, कुंदन गौर, एल्डरमैन रेखा मालवीय, आशीष मालवीय, संजीव हूरा, नरेश मेघानी, मयंक मेहतो, सभापति प्रतिनिधि मनीष सिंह ठाकुर, देवेंद्र पटेल, शहबाज बैग, राजकुमार यादव, पार्षद प्रतिनिधि राजकुमार बाबरिया, रमेश धूरिया सहित अन्य जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक मौजूद थे।
आपूर्ति न कर शासकीय कार्य में डाला व्यवधान
अनुबंध के तहत उक्त फर्म को नगर पालिका को तत्काल प्रभाव से निम्नलिखित सामग्रियों की सप्लाई करनी थी:
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सींक वाली डंडे वाली झाड़ू: 6,000 नग
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व्हाइट फिनाईल: 2,500 लीटर
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ब्लैक फिनाईल: 2,500 लीटर
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एंटी लार्वा मलेरिया ऑयल: 5,000 लीटर (मलेरिया नियंत्रण हेतु)
ग्रीष्मकाल और स्वच्छता सर्वेक्षण की तैयारियों के मद्देनजर यह सामग्रियां बेहद आवश्यक थीं। इसके बावजूद प्रोपराइटर राजेश अग्रवाल द्वारा जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण तरीके से सामग्रियों की आपूर्ति नहीं की गई, जिससे नगर पालिका के आवश्यक शासकीय कार्यों में भारी व्यवधान उत्पन्न हुआ और जनता का स्वास्थ्य भी दांव पर लगा।
तीन बार नोटिस देने पर भी नहीं जागे ठेकेदार
नगर पालिका प्रशासन द्वारा फर्म की इस गंभीर लापरवाही पर कड़ा संज्ञान लेते हुए दिनांक 08.05.2026, 12.05.2026 और 14.05.2026 को लगातार तीन बार सूचना पत्र (नोटिस) जारी कर आपूर्ति सुनिश्चित करने की अंतिम चेतावनी दी गई थी। इसके बाद भी फर्म द्वारा न तो कोई संतोषजनक जवाब दिया गया और न ही सामग्री की सप्लाई की गई। अंततः परिषद ने सक्षम प्राधिकारियों के निर्णय और नोटशीट के आधार पर कानूनी कार्रवाई का कड़ा रुख किया।
इन गंभीर धाराओं में मामला दर्ज करने की मांग
थाना प्रभारी इटारसी को सौंपे गए शिकायती पत्र में नगर पालिका अध्यक्ष पंकज चौरे ने स्पष्ट किया है कि फर्म के प्रोपराइटर का यह कृत्य शासकीय कार्य में बाधा डालने, अनुबंधित दायित्वों का दुरुपयोग कर विश्वासघात करने और नगर परिषद के साथ छल व धोखाधड़ी करने की श्रेणी में आता है। पत्र में आरोपी राजेश अग्रवाल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की निम्न धाराओं के तहत तत्काल FIR दर्ज करने की मांग की गई है:
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धारा 316: आपराधिक विश्वासघात
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धारा 318: छल और धोखाधड़ी
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धारा 324/325: शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करना
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धारा 61/62: आपराधिक षड्यंत्र
अध्यक्ष का कड़ा संदेश: “जनता के हितों और शहर की स्वच्छता व्यवस्था से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जो भी एजेंसी या ठेकेदार शासकीय कार्यों में लापरवाही बरतेगा या परिषद के साथ धोखाधड़ी करेगा, उसके खिलाफ इसी तरह की कठोर दंडात्मक कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।” — पंकज चौरे, अध्यक्ष, नगर पालिका परिषद इटारसी
आज का विचार:
“कर्तव्य से विमुख होना और जनहित के कार्यों में बाधा डालना समाज,
और कानून दोनों की नजरों में अक्षम्य है जिम्मेदारी का ईमानदारी,
से निर्वहन ही सच्चे नागरिक की पहचान है।”
—पत्रकार कुणाल पासवान की रिपोर्ट

