मुस्तैद इटारसी पुलिस ने टाला बड़ा हादसा: पचमढ़ी से लापता दो नाबालिग लड़कियों को रात 1:30 बजे रेलवे स्टेशन से सुरक्षित किया बरामद, पुणे जाने की फिराक में थीं I
इटारसी। बीती रात इटारसी सिटी पुलिस ने तत्परता और सूझबूझ का परिचय देते हुए एक बड़ा हादसा होने से टाल दिया। पचमढ़ी से अपने घर से बिना बताए निकलीं दो नाबालिग लड़कियों को पुलिस ने रात के करीब 1:30 बजे इटारसी रेलवे स्टेशन से सुरक्षित बरामद कर लिया है। कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद दोनों बच्चियों को उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है। दोनों लड़कियां स्टेशन पर पुणे जाने वाली ट्रेन का इंतजार कर रही थीं।
पचमढ़ी थाने से मिला था इनपुट
मिली जानकारी के अनुसार, इटारसी थाना प्रभारी (टीआई) गौरव सिंह बुंदेला को पचमढ़ी थाने से एक बेहद महत्वपूर्ण सूचना मिली थी कि दो नाबालिग लड़कियां अपने घर से बिना बताए कहीं निकल गई हैं। तकनीकी जांच और मोबाइल ट्रैकिंग के दौरान उनकी लोकेशन इटारसी रेलवे स्टेशन के आसपास मिल रही थी।
स्टेशन के सभी प्लेटफार्मों पर चला सर्च ऑपरेशन
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए टीआई गौरव बुंदेला ने बिना समय गंवाए तत्काल थाने की एक विशेष टीम को सक्रिय कर स्टेशन पर तैनात किया। मोबाइल लोकेशन को आधार बनाकर पुलिस टीम ने देर रात ही रेलवे स्टेशन के सभी प्लेटफार्मों पर सघन चेकिंग और खोजबीन शुरू की। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई के परिणामस्वरूप रात करीब डेढ़ बजे दोनों नाबालिग लड़कियों को ढूंढ निकाला गया।
परिजनों ने ली राहत की सांस
मामले की पुष्टि करते हुए टीआई गौरव सिंह बुंदेला ने बताया:
“दोनों नाबालिग लड़कियों को पूरी तरह सुरक्षित बरामद कर लिया गया है। पूछताछ में सामने आया कि वे घर से पुणे जाने के लिए निकली थीं। दोनों बच्चियों को सुरक्षित उनके परिजनों के हवाले कर दिया गया है, जिसके बाद परिजनों ने पुलिस का आभार व्यक्त करते हुए राहत की सांस ली।”
इन जांबाज पुलिसकर्मियों की रही सराहनीय भूमिका
इस सफल रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम देने और बच्चियों को सुरक्षित बचाने में इटारसी सिटी पुलिस के प्रधान आरक्षक सुरेश खापरे, आरक्षक दिलीप जाट, मुकेश झाड़े और राजकुमार चौहान की मुख्य और अत्यंत सराहनीय भूमिका रही। पुलिस प्रशासन की इस सजगता की पूरे क्षेत्र में प्रशंसा हो रही है।
आज का विचार
“कर्तव्य और तत्परता जब एक साथ मिलते हैं, तो संकट में घिरे किसी मासूम का जीवन सुरक्षित हो जाता है। सच्ची मानवता सही समय पर सही कदम उठाना है।”
– कुणाल की कलम
(पत्रकार कुणाल पासवान, इटारसी)

