देवदूत बने आरपीएफ जवान: चलती ट्रेन से पटरी पर गिरी महिला यात्री, तत्परता से बचाई जान l
इटारसी। स्थानीय रेलवे स्टेशन पर बुधवार, 27 मई 2026 को एक बड़ा हादसा टल गया। अपनी सूझबूझ और अदम्य साहस का परिचय देते हुए रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के जवानों ने पटरी पर गिरी एक महिला यात्री को मौत के मुंह से सुरक्षित बाहर निकाल लिया। ट्रेन के गार्ड द्वारा समय पर प्रेशर ड्रॉप करने और आरपीएफ जवानों की त्वरित प्रतिक्रिया के कारण महिला की जान बच सकी।
बच्चे को गर्मी से बचाने प्लेटफॉर्म पर उतरी थी महिला
जानकारी के अनुसार, गाड़ी संख्या 19483 (अहमदाबाद-बरौनी एक्सप्रेस) शाम 16:24 बजे इटारसी स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 01 पर आकर रुकी थी। ट्रेन में सवार महिला यात्री महमूदा खातून (उम्र 30 वर्ष, निवासी- ग्राम इंदरवा, सीतामढ़ी, बिहार) अपने दो महीने के मासूम बच्चे को भीषण गर्मी से राहत दिलाने के लिए प्लेटफॉर्म पर लेकर उतरी थीं। महिला अपने परिवार के साथ कोच नंबर S/6 की बर्थ नंबर 58 और 59 पर नंदूरबार से बरौनी जंक्शन की यात्रा कर रही थीं।
चलती ट्रेन में चढ़ने के दौरान हुआ हादसा
अपने निर्धारित ठहराव के बाद ट्रेन शाम 16:34 बजे जैसे ही प्लेटफॉर्म से रवाना हुई, महिला ने जल्दबाजी में अपने बच्चे को चलती ट्रेन में सवार अपने पति मोहम्मद उबेद आलम को सौंप दिया। इसके बाद जब वे खुद चलती गाड़ी में चढ़ने का प्रयास करने लगीं, तभी अचानक उनका पैर फिसल गया और वे सीधे ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच गैप से नीचे पटरियों की तरफ चली गईं।
गार्ड और आरपीएफ जवानों की तत्परता से बची जान
इस खौफनाक मंजर को देखकर ट्रेन के गार्ड ने तुरंत सूझबूझ दिखाई और गाड़ी का वैक्यूम/प्रेशर ड्रॉप कर आपातकालीन ब्रेक लगाए। इसी दौरान प्लेटफॉर्म पर ड्यूटी पर तैनात आरपीएफ पोस्ट इटारसी के प्रधान आरक्षक राजेश यादव और आरक्षक हर प्रताप सिंह परमार की नजर इस हादसे पर पड़ी। घटना का पता चलते ही दोनों जवान बिना एक पल गंवाए कोच की तरफ दौड़े और ट्रेन के नीचे जा चुकी महिला को सुरक्षित बाहर खींच निकाला।
अस्पताल में कराया भर्ती, कमर और पैर में फ्रैक्चर
हादसे के तुरंत बाद स्टेशन पर मौजूद अन्य यात्री और रेलवे स्टाफ मौके पर पहुंचे। प्राथमिक उपचार के लिए महिला को तत्काल प्लेटफॉर्म पर स्थित दयाल हॉस्पिटल के क्लीनिक के डॉक्टरों द्वारा देखा गया, जिन्होंने स्थिति को गंभीर बताते हुए तुरंत बड़े अस्पताल ले जाने की सलाह दी।
आरपीएफ आरक्षक हर प्रताप सिंह परमार ने बिना समय गंवाए एक निजी ऑटो के माध्यम से घायल महिला को शासकीय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी (सिविल) अस्पताल इटारसी पहुंचाया और वहां भर्ती कराया। डॉक्टरों के अनुसार, हादसे में महिला की कमर और बाएं-दाएं पैर की जांघ में फ्रैक्चर आया है, साथ ही कुछ अंदरूनी चोटें भी लगी हैं। फिलहाल महिला का इलाज जारी है।
🌟 आज का विचार 🌟
“जीवन में संकट की घड़ियां बिना बताए आती हैं, लेकिन संकट के समय दिखाया गया साहस और तत्परता किसी के लिए जीवनदान बन सकता है। मानवता की रक्षा के लिए सदैव सजग और तत्पर रहें।”
(कुणाल की कलम से… पत्रकार कुणाल पासवान, इटारसी)

