टीकमगढ़। बल्देवगढ़ जनपद एवं तहसील क्षेत्र खरगापुर की ग्राम पंचायत देवपुर में सैकड़ों हरिजन अपने घरों से मुख्य मार्ग तक आने-जाने के लिए वर्षों से परेशान हैं जिनके लिए कोई रास्ता नहीं है यहां तक कि इन खिरक वासियों को अपने मरीजों और प्रसव कराने के लिए महिलाओं को खटिया पर रखकर ले जाना पड़ता है इन हरिजनों का कहना है कि कई बार हम जिला कलेक्टर सहित एसडीएम तहसीलदार को आवेदन दे चुके हैं और अपनी व्यथा सुना चुके हैं लेकिन आज तक हमारे लिए रास्ते का प्रबंध नहीं किया गया जहां करीब 200 लोग रास्ता के लिए आज भी दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं और संबंधित अधिकारी कर्मचारियों के चक्कर काट
रहे हैं लेकिन उनकी किसी ने नहीं सुनी है मंगलवार के दिन जिला मुख्यालय प्रशासन की जनसुनवाई में आए इन हरिजनों ने प्रेस को लिखित जानकारी देते हुए बताया कि हम लोग कई वर्षों से रास्ता के लिए भटक रहे हैं लेकिन हम लोगों के लिए रास्ता नहीं बनाई गई है कई बार जनसुनवाई में आवेदन दे चुके हैं और एसडीएम सहित तहसीलदार को भी आवेदन देकर अवगत कराया गया है लेकिन किसी ने आज तक नहीं सुनी है किरख वासियों का कहना था कि यह कैसा मामा जी का राज है जिसमें हम लोगों को आने जाने के लिए रास्ता ही नहीं है अपने घरों से मुख्य मार्गों तक आने जाने के लिए परेशान हैं लेकिन हमारे लिए रास्ता नहीं बनाया जा रहा है और ना ही रास्ता है इन हरिजनों ने मंगलवार 03 जनवरी 2023 को पुनः जिला कलेक्टर की जनसुनवाई में आवेदन दिया है और अपने लिए रास्ते की मांग की है। ग्राम पंचायत देवपुर के छापर खिरक निवासी हरिजन किशोरी अहिरवार मुकेश अहिरवार गनपत लाल्ले दिन्ना माया बाई जानकी मुकुंदी रश्मि घनश्याम लक्ष्मी देवी अंदेशा आदि हरिजनों ने बताया कि हमारे छापर खिरक से मुख्य मार्गों तक आने जाने के लिए कोई रास्ता नहीं है जिस कारण हम लोग वर्षों से शासन प्रशासन को अवगत कराते आ रहे हैं लेकिन हमारे लिए रास्ते की व्यवस्था नहीं की गई है इन खिरकवासियों ने कहा है कि अगर जिला प्रशासन जल्द इस पर कार्यवाही नहीं करेगा तो हम सभी 200 लोगों को लेकर भोपाल पहुंचेगें और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के दरवाजे पर डेरा डालेंगे और अपने लिए रास्ता की मांग करेंगे। उल्लेखनीय है कि जहां एक ओर शासन इन हरिजन आदिवासियों की सुख सुविधाओं के लिए दिन-रात नई नई योजनाएं बनाकर उनके सर्वांगीण विकास को लेकर काम कर रहा है वहीं दूसरी ओर देवपुर ग्राम पंचायत के छापर खिरकवासी इस तरह रास्ता के लिए बरसों से भटक रहे हैं और परेशान हो रहे हैं।