टीकमगढ़। नगर पालिका में नई सरकार गठन के बाद आई पारदर्शिता संभवत: स्टाफ को रास नहीं आ रही है। शहर में गरीब आवासहीनों के सपनों के घर को कर्मचारियों की लापरवाही ने खटाई डाल दिया है। जिसके कारण 2.5 करोड़ रुपए की राशि शासन को वापिस हो गई।हितग्राहियों के आवास का निर्माण अटक गया है। जरूरतमंदों के मकान का काम रुकने पर नगर पालिका अध्यक्ष अब्दुल गफ्फार पप्पू मलिक ने नाराजगी जताई है। लापरवाह कर्मचारियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई और जांच के लिए दल गठित करने सीएमओ को पत्र लिखा है। प्रधानमंत्री आवास की राशि वापस होने के संबंध में नगर पालिका अध्यक्ष अब्दुल गफ्फार पप्पू मलिक ने सीएमओ को पत्र लिखा है। जिसमें कहा है कि प्रधानमंत्री की मंशानुसार संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास मप्र भोपाल से निर्देश प्राप्त हुए। नगरीय निकाय अन्तर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को योजनांतर्गत दी जाने वाली राशि 6.00 करोड़ रुपए शासन से प्राप्त हुई। निकाय द्वारा पात्र हितग्राहियों को लगभग 2.00 करोड़ की राशि प्रदाय की जा चुकी है। शेष 4.10 करोड़ की राशि में से 2.5 करोड़ की राशि शासन को समर्पित हो जाने के कारण 2.5 करोड़ की राशि ही निकाय में शेष है। आवास योजना के हितग्राहियों को समय से राशि प्राप्त न हो पाने से परेशानी हो रही है। यह कृत्य संबंधित शाखा प्रभारी और कर्मचारियों की उदासीनता एवं घोर लापरवाही का द्योतक है। इसलिए आप पांच सदस्यीय जांच समिति का गठन कर गंभीरता पूर्वक प्रकरण की जांच 15 दिवस के अंदर कराकर, संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध दण्डात्मक कार्रवाई प्रस्तावित करें। जांच समिति के लिए अध्यक्ष ने पीआईसी सदस्य, सहायक यंत्री अंजली शुक्ला, उपयंत्री जेबा मंसूरी, सहायक लेखा अधिकारी वर्षा जैन, सहायक राजस्व निरीक्षक प्रवीण खरे के नाम सुझाए हैं। पीएम आवास योजना के तहत टीकमगढ़ नगर पालिका में अब तक 5754 हितग्राहियों को लाभान्वित किया जा चुका है। नगर पालिका में शाखा प्रभारी और कर्मचारियों की लापरवाही के कारण करीब 2.5 करोड़ रुपए की राशि शासन को वापिस हो गई है। ….अध्यक्ष की सख्ती के कारण मनमानी नहीं कर पा रहे कर्मचारी….नगर पालिका अध्यक्ष पप्पू मलिक की सख्ती के कारण कर्मचारी हितग्राहियों से पैसों का लेन-देन नहीं कर पा रहे हैं। इसके अलावा राशि जारी करने में पारदर्शिता रखने के लिए अध्यक्ष ने राशि आवंटन की हितग्राहियों की सूची पर कर्मचारियों से हस्ताक्षर कराकर एक प्रति अपने पास रख ली थी। जिसके कारण कर्मचारियों को हेरफेर करने की गुंजाइश नहीं रही। संभवत: इसलिए राशि जारी करने में जानबूझकर कर्मचारियों ने लापरवाही की और हितग्राहियों को जारी नहीं होने के कारण बजट शासन को वापस हो गया। …..लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ होगी कार्रवाई….नगर पालिका में पीएम आवास के हितग्राहियों को राशि जारी करने में पूरी पारदर्शिता बरती जा रही है। कर्मचारियों की उदासीनता और लापरवाही के कारण राशि शासन को वापस हो गई। हालांकि जल्द राशि मिलते ही हितग्राहियों को जारी कर दी जाएगी। गरीब आवासहीनों की राशि जारी करने में लापरवाही करने वालों के खिलाफ जांच और कार्रवाई के लिए सीएमओ का पत्र लिखा है।

