भोपाल /टीकमगढ़ । पंचायत सचिव ,सहायक सचिवों की मांगों का 5 फरवरी 2023 तक निर्णायक चर्चा नहीं तो सरपंचों के साथ होगा आंदोलन सरकार की विकास यात्रा का प्रदेश में होगा बहिष्कार मांगे नहीं मानी तो पंचायत राज होगा ठप्प वैसे तो मध्यप्रदेश का 23000 पंचायत सचिव 23000 पंचायत सहायक सचिव सरकार की दौगली और सौतले व्यवहार की नीति के कारण खून के आंसू रो रहे है। वहीं जनता द्वारा चुने गये पंच परमेश्वर की भूमिका के सरपंचों पर संदेह कर उपेक्षा का शिकार बनाकर आंदोलन के रास्ते पर धकेला गया है जब पंचायतों पर सरपंचों की ताला बंदी है और हमारा गांव का प्रधान ही आंदोलन पर है तो उनके अधिनस्थ काम करने वाला सचिव ,सहायक सचिव अपनी जायज मांगों पर सरकार की बेरूखी के चलते हाथ पर हाथ रखकर कैसे बैठ सकता है। मुख्यमंत्री की और से पंचायत मंत्री द्वारा 5 अगस्त 2021 को किये गये वादे , वचन के मुताबिक तत्काल मांगों पर निर्णायक चर्चा नहीं हुई तो 5 फरवरी से अकेले 23000 सरपंच आंदोलन पर नहीं होगे बल्कि उनके साथ 46000 सचिव , सहायक सचिव गांव की चौपाल से भोपाल की चौपाल तक आंदोलन में शामिल हो जायेंगे। उक्त आशय की जानकारी देते हुए पंचायत सचिव संगठन के प्रदेशाध्यक्ष दिनेश शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री औरर पंचायत मंत्री से मिलने और चर्चा करने के लिए लगभग 2 वर्ष से मांगों को पूरा कराने के लिए सम्पर्क किया जा रहा है लेकिन सरकार द्वारा मांगे पूरी करना तो दूर चर्चा के लिए समय नहीं है। ऐसी स्थिति में इस सरकार का आखिरी बजट में पंचायत सचिवों की मुख्य मांगों का जिसमें से मुख्य रूप से पंचायत ग्रामीण विकास विभाग में संविलियन, 6वें वेतनमान की गणना नियुक्ति दिनांक से कर अध्यापक संवर्ग को दिये गये दिनांक से 7वें वेतनमान का लाभ एरियर सहित एवं सहायक सचिवों का जिला संवर्ग में संविलियन कर एक निश्चित वेतनमान पर नियमितिकरण एवं अनुकम्पा नियुक्ति का सरलीकरण कर. आमेलन , रोस्टर से मुक्त करते हुए, जिस जिले में जहाँ पद रिक्त है। नियुक्तियाँ 100 प्रतिशत किया जाये। इसका प्रावधान केबिनेट एवं बजट में होना है। लेकिन सरकार की उदासीनता के चलते सरकार की नियत पर पूरा शक है इसलिए अब प्रदेश के सचिव , सहायक सचिवों को आंदोलन का रास्ता अपनाना होगा। अपर मुख्य सचिव, पंचायत मंत्री. मुख्यमंत्री आदि को संगठन ने ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि यदि तत्काल मांगों पर चर्चा और निर्णायक पहल नहीं की गई तो 46000 पंचायत सचिव,सहायक सचिव सरपंचों के साथ सरकार की विकास यात्रा बहिष्कार कर विशाल आंदोलन को पंचायत की चौपाल से भोपाल की चौपाल तक लायेगें और आर-पार की लड़ाई का शंकनाद होगा। समय रहते सरकार और विभाग मांगों का निराकरण कर दे। अन्यथा आदोलन झेलने के लिए तैयार रहे। प्रेस को यह तमाम जानकारी पंचायत सचिव संगठन के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश शर्मा ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी है।

