पृथ्वीपुर/ओरछा
चलो चलें ओरछा धाम, जहां मिलेंगे राजाराम की पैदल यात्रा शनिवार की सुबह १० बजे नैगुवां से शुरू हुई। यात्रा के आगे खरगापुर विधायक राहुल सिंह लोधी और जिला पंचायत अध्यक्ष उमिता सिंह लोधी हाथों में भगवा ध्वजा लिए आगे जा रही थी। उसी दौरान नैगुवां के पास रावतपुरा सरकार शामिल हुए। भगवा ध्वजा लेकर पैदल चल रहे यात्रियों को शुभकामनाएं दी। उसके बाद टीकमगढ़ के लिए रवाना हो गए। दोपहर में यात्रा ओरछा रामराजा सरकार मंदिर पहुंच गई है।
शनिवार की दोपहर खरगापुर से पैदल चल रही यात्रा ओरछा रामराजा मंदिर पहुंच गई है। वहां पर रामराजा के जयकारों के साथ पदयात्रियों ने नृत्य किया और विधानसभा क्षेत्रवासियों के सुखमय, मंगलमय जीवन की कामना की। जहां स्थानीय लोगों द्वारा यात्रियों को फूलमालाओं से स्वागत किया गया। शनिवार को ओरछा में विश्राम किया जाएगा। दूसरे दिन पुष्य नक्षत्र में भगवान रामराजा के दर्शन करके खरगापुर के लिए यात्रा रवाना होगी।
नैगुवां में शामिल हुए थे रावतपुरा सरकार
यात्रा में शामिल लोगों ने बताया कि शनिवार की सुबह १०.३० बजे के करीब नैगुवां गांव के पास खरगापुर से ओरछा पैदल जा रही यात्रा में रावतपुरा सरकार का काफिला शामिल हुआ। यात्रा में शामिल खरगापुर विधायक राहुल सिंह और जिला पंचायत अध्यक्ष उमिता सिंह द्वारा जोरदार स्वागत किया गया। उसके बाद यात्रा के बारे में रावतपुरा सरकार द्वारा जानकारी ली गई। उसके बाद सभी को आर्शीवाद देकर रवाना किया। 
ओरछा पहुंची यात्रा
शनिवार की दोपहर २.३० के करीब ओरछा बेतवा नदी के पास पैदल यात्रा पहुंची। यात्रा का नैगुवां, चंदपुरा, जामनी पुल, ओरछा बेतवा पुल के साथ ओरछा में स्थानीयय लोगों द्वारा पुष्प नक्षक की पैदल यात्रा का स्वागत किया। जहां यात्रा के संयोजक खरगापुर विधायक और जिला पंचायत अध्यक्ष ने बेतवा नदी को प्रणाम किया। उसके बाद यात्रा मंदिर मैदान पहुंची।
३१ जनवरी को शुरू हुई थी यात्रा
रमन पस्तोर ने बताया कि ३१ जनवरी मंगलवार को खरगापुर पलेरा रोड मानिकपुर से ओरछा पहुंचने वाली यात्रा का शुभारंभ किया गया था, जिसका रात्रि विश्राम विंध्य वासिनी मंदिर किया गया। १ फरवरी बुधवार की सुबह यात्रा का शुभारंभ कर धामना में रात्रि विश्राम किया गया। २ फरवरी गुरुवार की रात्रि ज्योरा की कृषि मंडी में यात्रा का रात्रि विश्राम किया गया। ३ फरवरी शुक्रवार की रात्रि विश्राम नैगुवां के स्कूल में किया गया। ४ फरवरी शनिवार की सुबह से यात्रा का शुभारंभ करके ओरछा दोपहर में पहुंची। रात में सभी यात्रियों ने भगवान राम के दर्शन किए और सुबह के दर्शन करके खरगापुर के लिए रवाना होगें।

