टीकमगढ़ । बागेश्वर धाम के महाराज पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी की आजकल टीकमगढ़ में संगीतमय श्रीराम कथा का आयोजन नगर के स्थानीय गंजी फील्ड पर हो रहा है और कथा के मुख्य यजमान राजेंद्र तिवारी हैं इसी श्रंखला में रविवार 26 फरवरी 2023 को दोपहर करीब 12.30 बजे से पंडित राजेंद्र तिवारी के निज निवास ताल दरवाजा पर बागेश्वर धाम सरकार धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पत्रकारों से रूबरू हुए और एक प्रेस वार्ता आयोजित हुई। पत्रकारों को संबोधित करते हुए पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि हिंदू राष्ट्र बनकर रहेगा हिंदू राष्ट्र एक ऐसा कल्पवृक्ष है जिसकी छांव में सभी बैठ सकेंगे हिंदू राष्ट्र बनने से किसी भी जाति का अलग होना या भागना भगाना नहीं है ,उन्होंने कहा कि सभी के दादा परदादा यहां रहे हैं और उनकी भी यादें जुड़ी हुई हैं हिंदू राष्ट्र को परिभाषित करते हुए उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता और भाईचारा को लेकर हिंदू राष्ट्र आवश्यक है जिसमें सभी सम्मिलित हैं किसी को कहीं जाने और भागने भगाने की उसमें कोई बात ही नहीं है उन्होंने कहा हिंदू राष्ट्र किसी भी पंथ के खिलाफ नहीं हैं हम यह जातिवाद की लड़ाई ही बंद करना चाहते हैं कब तक यह चलेगा हम जातिवाद का यह मामला ही खत्म करना चाहते हैं जिसको लेकर हिंदू राष्ट्र बने और बनकर भी रहेगा यह देश सभी जाति और संप्रदाय का है। संविधान में 125 बार संशोधन हो चुका है तो इसके लिए भी होना चाहिए। ,,,,,बुंदेलखंड राज्य बनाने पर भी बोले,,,,,, जब बुंदेलखंड बनाने की बात पत्रकारों की ओर से से आई तो उन्होंने कहा पहले हिंदू राष्ट्र। ,,,,,शराबबंदी पर समर्थन ,,,,,उमा भारती की ओर से चलाऐ जा रहे शराबबंदी अभियान को लेकर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि मैं इसका समर्थन करता हूं और कथाओं के माध्यम से भी लोगों को संदेश दूंगा जिससे कि शराब बंदी हो और नशा मुक्त समाज हो उन्होंने उमा भारती के इस अभियान का समर्थन जताया।,,,,,,, सनातनी को भी बताया,,,,,, सनातनी शब्द को उन्होंने परिभाषित करते हुए बताया कि सनातनी वह है जो अपने आप में परिपूर्ण है सनातनी का मतलब है कि जितने भी मजहब और पंथ हैं उसका जनक है ,उन्होंने कहा कि सनातनी वह है जिसमें सबकुछ प्रारंभ हुआ और उसमे ही सब कुछ विलय हो जाएगा यह सनातनी है और सनातनी वह है जो आदि काल से है जिसके अंदर रामत्व और रामराज्य की परिकल्पना भरी हुई है सनातनी का मतलब जिसके पहले कुछ नहीं था और जिसके बाद कुछ भी नहीं रहेगा।— युवाओं को लेकर भी बोले,,,,,,, रामचरितमानस और गीता के पाठ से युवाओं के अंदर का जोस जगाना एवं गीता और रामचरितमानस के पाठ का पठन-पाठन करा कर प्रत्येक युवा की दिशा और दशा मे सुधार कराना। उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता और रामराज्य की कल्पना शिक्षा नीति में हमारी महापुरुषों की जीवनियां आदि तमाम लक्ष्यों को उन्होंने पत्रकारों के समक्ष रखा। ,,,,,,निकालेंगे पैदल यात्रा,,,, उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता को लेकर बागेश्वर धाम से ओरछा तक पैदल यात्रा निकालेंगे जिसका उद्देश्य समाज और देश में सामाजिक समरसता का भाव पैदा करना होगा। उन्होंने कहा कि मैं आरोपों से डरने वाला नहीं हूं मैं सदैव सच के साथ हूं और सच्चाई के साथ रहता हूं।