नर्मदापुरम/ प्रदीप गुप्ता / आज जिले भर से आये सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में कार्यरत सुरक्षा श्रमिकों ने अपनी मूलभूत सुविधा को लेकर मुख्य वन संरक्षक एवं क्षेत्र संचालक सतपुड़ा टाइगर रिजर्व को एक ज्ञापन दिया। जिसमें जिक्र किया कि सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में कार्यरत सुरक्षा श्रमिक 24 घंटे अपनी जान की परवाह किए बगैर वन एवं वन्य प्राणियों की सुरक्षा करते हैं। कई बार संघ के माध्यम से शासन प्रशासन से निवेदन किया गया, पर आज भी हमें मूलभूत सुविधाएं समय से नहीं मिल पा रही हैं।
मुख्य मांग है कि पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण भारत सरकार के निर्देशानुसार सुरक्षा श्रमिको को भविष्य निधि (ईपीएफ) कटोने की जाए। सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में कार्यरत सुरक्षा श्रमिकों जो कलेक्टर दर पर भुगतान पाते हैं,उनकी सीनियरिटी तैयार कर सामान्य प्रशासन विभाग के 07/10/2016 के आदेशानुसार तत्काल स्थाई कर्मी का लाभ दिया जाए। सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में कार्यरत सुरक्षा श्रमिक जो 10 वर्ष एवं 12 वर्ष की सेवा पूर्ण कर चुके हैं उन्हें कुशल का वेतन दिलाया जाए।सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में कार्यरत सुरक्षा श्रमिक स्थाई कर्मियों को माह के 05 तारीख को मजदूरी एवं राशन भत्ता देना सुनिश्चित किया जाए।सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में कार्यरत सुरक्षा श्रमिक को बिना विशेष कारण के जवाब लिए बगैर कार्य से पृथक न किया जाए, उनके बच्चों को ना मारे। रातपुडा टाइगर रिजर्व में कार्यरत सुरक्षा श्रमिक जो कार्य के दौरान जंगली जानवरों या अन्य कारणों से घायल हो जाते हैं उन्हें इलाज की पूर्ण व्यवस्था शासन एवं प्रशासन द्वारा किया जाए एवं मृत कर्मचारी के परिवार के एक व्यक्ति को कार्य उसी के स्थान पर रखा जाए एवं 10 लाख रूपये का मुआवजा दिया जाए। वाहन चालक एवं कंप्यूटर ऑपरेटर को समान वेतन दिया जावे। वन विश्राम में कार्यरत सुरक्षा श्रमिको का पहचानपत्र जारी किया जावे। इस अवसर पर मध्य प्रदेश स्थाई कर्मी कल्याण संघ के जिला अध्यक्ष हरबंस सिंह रघुवंशी, प्रांत अध्यक्ष शारदा सिंह परिहार, प्रांतीय सचिव विनोद कुमार नट्टा एवं बलिराम पटेल अध्यक्ष सुरक्षा श्रमिक एवं अन्य जिले भर से आये वन्य कर्मी मौजूद रहे।

