नर्मदापुरम/ प्रदीप गुप्ता /अधिवक्ताओं का न्यायालीन कार्य से विरत रहने के कारण पक्षकार परेशान है तो वहीं न्यायालीन कार्य भी प्रभावित हो रहे है। शनिवार को अधिवक्ताओं के कार्य से विरत रहने के कारण विभिन्न न्यायालयों के करीब 282 प्रकरणों में सुनवाई नहीं हो सकी। अधिवक्ताओं के कार्य से विरत रहने का कारण हाईकोर्ट का वह आदेश जो 25 आपराधिक व सिविल प्रकरणों का 66 दिनों में निराकरण करने का है। अधिवक्ता संघ सचिव मनोज जराठे ने बताया कि 12 मार्च तक अधिवक्ता कार्य से विरत है, 13 मार्च को कार्यकारिणी आगामी कार्य योजना पर चर्चा कर निर्णय लेगी। इस दौरान अधिवक्ता संघ अध्यक्ष केके थापक, उपाध्यक्ष अखिलेश मिश्रा, ग्रंथपाल श्रीप्रकाश दुबे, सहसचिव सुरेन्द्र सिंह राजपूत, कार्याकारणी सदस्य सीके कुरापा, राजेश चौरे, क्षमा चौहान, रीतेश विश्वकर्मा, विजेन्द्र सिंह राजपूत व वरिष्ठ अधिवक्ता अजय तिवारी , राजीव दुबे बलवंत सिंह ठाकुर, राजा चौहान, जीवन सिंह रघुवंशी, शिव कुमार दीक्षित, अजय श्रीवास्तव , कोमल राने, नीतेश गौर, कल्पेश दुबे, अनंत गौर, मनीष शर्मा, आशुतोष दुबे, सचिन चौहान, विनीत वर्मा, राकेश शर्मा, भागीरथ मीना, प्रमोद यादव, राजेश मालवीय, सौरभ तिवारी, पीडी चौरे, मुनेन्द्र , प्रशांत राठौर, तारा मालवीय, मोनल हर्णे, जीतेन्द्र कोशिक, ओपी श्रोती, विष्णु पाल, दिप्ती राठौर, विजय व्यास, विकास यादव, सुंदरलाल वर्मा, ललित अहिरवार, किशन मीना आदि मौजूद रहे।

