नर्मदापुरम /प्रदीप गुप्ता /कल 4 अप्रैल को माखननगर का गौरव दिवस है। इस अवसर पर नेशनल अवार्ड प्राप्त सारिका घारू ने वीर एवं क्रांतिकारियों के प्रति आदर भाव पैदा करने वाली पंडित माखनलाल चतुर्वेदी की रचना पुष्प की अभिलाषा को वर्तमान संदर्भ में प्रस्तुत किया। इस अवसर पर सारिका ने कहा कि पृथ्वी के 22.7030° N अक्षांश तथा 77.9365° E देशांतर पर स्थित नर्मदापुरम जिले का प्राचीन बाबई और वर्तमान का माखननगर आज किसी कारण देश -विदेश में जाना जाता है तो वो देश के प्रति समर्पित होने का संदेश देने वाली कविता के रचयिता पंडित माखनलाल चतुर्वेदी हैं जिनके जन्म दिवस 4 अप्रैल को उनके जन्मनगर में गौरव दिवस का आयोजन किया जा रहा है। सारिका ने माखननगर के बारे में खास जानकारी देते हुये कहा कि हमें ख्याति प्राप्त कवि, लेखक , पत्रकार , स्वतंत्रता सेनानी और देशप्रेमी पंडित माखन लाल चतुर्वेदी के गृह जिले के निवासी होने का गौरव है। इस अवसर पर हम गर्व करें कि हम उस नर्मदापुरम जिले के निवासी हैं जिसमें माखननगर स्थित है। वर्तमान फ्लावर युग में अभिलाषा व्यक्त करने वाले पुष्प की सुगंध बनाये रखने की जरूरत है।
आवश्यकता-
सारिका ने कहा कि देश की पाठ्यपुस्तकों में माखनलाल चतुर्वेदी जी का जन्म स्थान बाबई ही अंकित है। इसमें यह संदर्भ जोड़े जाने की जरूरत है कि उनके सम्मान में नगर का नाम अब माखननगर हो गया है। नगर के प्रवेशद्वार पर भी यह स्पष्ट होना चाहिये कि माखननगर नाम किनको समर्पित है।
माखननगर के बारे में खास-
माखननगर का पोस्टल पिन 461661
सन 2011 के अनुसार माखननगर की जनसंख्या 16741 थी।
2011 की गणना के अनुसार साक्षरता दर 70.78 प्रतिशत थी।
2011 की गणना के अनुसार प्रति 1000 पुरूषों पर 932 महिलायें थी।

