नर्मदापुरम /प्रदीप गुप्ता / शासकीय गृह विज्ञान स्नातकोत्तर अग्रिम महाविद्यालय में आज दिनांक 11 को महात्मा ज्योतिबा फुले के जन्म जयंती के उपलक्ष्य में कार्यक्रम का आयोजन किया गया । इस कार्यक्रम में महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. श्रीमती कामिनी जैन, डॉ. पी आर मानकर, डॉ. कंचन ठाकुर, डॉ. श्रुति गोखले ने अपनी गरिमामई उपस्थिति प्रदान की।मां सरस्वती की पूजन एवं दीप प्रज्ज्वलन के पश्चात महात्मा ज्योतिबा फूले के छायाचित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। महाविद्यालय की प्राचार्य श्रीमती कामिनी जैन ने अपने उद्बोधन में कहा कि ज्योतिबा फूले क्रांतिसूर्य के रूप में जाने जाते हैं। वे न केवल सामाजिक क्रांति के अग्रदूत हैं बल्कि 19वीं सदी के महान भारतीय विचारकों में से एक हैं। महात्मा फुले ने 1848 में लड़कियों के लिए स्कूल बनाया एवं अपनी पत्नी को शिक्षित कर शिक्षिका के रूप में स्त्री शिक्षा के क्षेत्र में नई परंपरा का शुभारंभ किया। मुख्य वक्ता डॉ. श्रुति गोखले ने बताया कि समाज सेवा एवं स्त्री शिक्षा को समर्पित जीवन जीने वाले महान भारतीय क्रांति दूत का जन्म 11 अप्रैल 1827 को पुणे में हुआ था । फुले दंपति ने ना केवल स्त्री शिक्षा की अलख जगाई बल्कि देश में 18 स्कूल खोलकर महिला शिक्षा को गति प्रदान की। सामाजिक जड़ता व कुरीतियों को दूर करने के लिए महात्मा फुले को ईस्ट इंडिया कंपनी ने भी सम्मानित किया । इस कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. कीर्ति दीक्षित ने एवं आभार डॉ. मधु विजय ने किया। इस कार्यक्रम में डॉ. किरण पगारे, डॉ. वर्षा चौधरी, डॉ. भारती दुबे, डॉ. संगीता आहिरवार, डॉ. संध्या राय , डॉ. रश्मि श्रीवास्तव, डॉ. पी. आर मानकर, डॉ. आरबी शाह, डॉ. वैशाली लाल , डॉ. रागिनी सिकरवार, डॉ. ए एस खान, डॉ. यषवंत सिंह निंगवाल, डॉ. रामबाबू मेहर, डॉ. मनीष तिवारी, विजया देवासकर , डॉ. नीतू पवार, डॉ. रीना मालवीय, कुमारी श्वेता वर्मा, श्रीमती अंकिता तिवारी, देवेंद्र सैनी महाविद्यालय स्टाफ एवं भारी संख्या में छात्राएं उपस्थित रही।

