टीकमगढ़।मध्यप्रदेश शासन संस्कृति विभाग, भोपाल के निर्देशानुसार धर्म व संस्कृति से जनजातियों को जोडक़र रखने के लिए रामकथा साहित्य में वर्णित वनवासी चरित्रों पर आधारित वनवासी लीलाओं की प्रस्तुतियां जिला प्रशासन के सहयोग से दी गई। टीकमगढ़ जिला मुख्यालय पर स्थानीय मानस मंच पर 21 से 23 मई, 2023 तक भक्तिमती शबरी, निषादराज गुहा और लछमन चरित वनवासी लीलाओं पर केन्द्रित तीन दिवसीय समारोह आयोजित किया गया।
इसीक्रम में आज समारोह के अंतिम दिवस राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय नई दिल्ली से प्रशिक्षण प्राप्त 25 सदस्यीय दल द्वारा लछमन चरित की लीलाओं की पटकथा पर आधारित लीला की प्रस्तुति दी गई। वनवासी लीला गौंड जनजाति की कल्पना के आधार पर थी। इसके अनुसार गौंड भगवान राम को जहां सर्वव्यापी मानते हैं, वहीं लक्ष्मण को अपना आराध्य मानते हैं। इसलिये उनकी कल्पना अनुसार लक्ष्मण के विवाह को लेकर लीला का आयोजन किया गया। इस लीला के तहत भगवान राम, लक्ष्मण, सीता के साथ-साथ पांडवों को भी शामिल किया गया था। राम-लक्ष्मण व सीता की सहायता के लिये 5 पांडव भी तत्पर दिखाई दिये। लक्ष्मण विवाह के लिये इन्द्रलोक की इन्द्रकामिनी द्वारा की गईं तांत्रिक लीलाओं का मंचन देखकर दर्शन मुग्ध हो गये। वहीं मां सीता की आज्ञानुसार लक्ष्मण द्वारा इन्द्र की त्रियाफूल से विवाह का मंचन भी आकर्षक रहा। इस दौरान त्रियाफूल व लक्ष्मण का अपहरण तथा भंवरों का पाण्डव भीम पर हमला तथा हनुमान जी से युद्ध भी मनोहारी था। जिसकी दर्शकों ने भूरि-भूरि प्रशंसा की।
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