टीकमगढ़ । जी हां यह तस्वीर है नगर के गांधी चौराहे की जहां चाहे कड़कड़ाती ठंड हो या तेज बारिश हो या फिर चिलचिलाती धूप हो, जहां मजदूर ग्रामीण क्षेत्रों से लगातार अपनी रोजी-रोटी और परिवारों के भरण-पोषण के लिए मजदूरी की तलाश में आते हैं और रोजाना इस चौराहे पर घंटों खड़े होकर ग्राहक का इंतजार करते हैं कि कोई आए और हमें काम करने के लिए अपने साथ ले जाए लेकिन सभी को काम नहीं मिलता किसी किसी को तो उल्टे पांव वापिस अपने घर लौटना पड़ता है और आने जाने मे ही उनका दिन व्यर्थ चला जाता है आजकल तेज गर्मी का मौसम चल रहा है और इतनी तेज धूप हो रही है कि सुबह 8 बजे से ही लोगों का घरों से निकलना दूभर हो रहा है लेकिन इस चिलचिलाती धूप के चलते भी यह मजदूर बेचारे घंटों इस चौराहे पर खड़े रहते हैं और काम की तलाश करते हैं शासन प्रशासन भले ही अपनी कल्याणकारी हितकारी योजनाओं की दुहाइयां देता रहे लेकिन धरातल पर यह योजनाएं धराशाई नजर आती हैं जिसके चलते यह मजदूर रोजाना मजदूरी की तलाश में ग्रामीण क्षेत्रों की ओर से शहर की ओर भागते हैं और अपने भरण-पोषण के लिए मजदूरी की तलाश करते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादातर योजनाएं या तो कागजों में सिमट रहीं हैं या फिर ग्रामीण क्षेत्रों में शासन प्रशासन द्वारा कराए जा रहे निर्माण कार्य मशीनों के हत्थे चढ़ रहे हैं और मजदूर बेचारे ज्यों के त्यों मजदूरी की तलाश में इधर-उधर भटकते रहते हैं इन हालातों पर शासन और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों को संज्ञान लेना चाहिए और इन हालातों में सुधार करना चाहिए तभी योजनाओं का क्रियान्वयन धरातल पर शासन प्रशासन की मंशा अनुसार दिख सकता है और इन मजदूरों के हालात सुधर सकते हैं लेकिन ऐसा होता दिखाई नहीं देता है। —–सिर छुपाने की जगह नहीं—- नगर के स्थानीय गांधी चौराहे पर रोजाना सैकड़ों मजदूर मजदूरी की तलाश में आते हैं चाहे मौसम कोई भी हो लेकिन इन मजदूरों को घंटों चौराहे पर ही खडा़ होना पड़ता है हालांकि इसकी जानकारी शासन जिला प्रशासन सहित आला जनप्रतिनिधियों को भी है उसके बावजूद भी आज तक इस चौराहे पर इन मजदूरों को सिर छुपाने के लिए कोई भी ऐसी व्यवस्था नहीं है कि वह धूप हो या बारिश हो या ठंड हो जहां वह बैठकर आशियाने के नीचे अपने काम की तलाश कर सकें यह एक बड़ी विडंबना है कि आला अधिकारी और जनप्रतिनिधि इन हालातों से अवगत भी हैं उसके बाद भी इन मजदूरों के लिए ऐसी कोई भी व्यवस्था आज तक यहां नहीं की गई है।

