टीकमगढ़। मैं रोज नए बस स्टैंड से जतारा बस से जाती हूं, बस स्टैंड पर पिछले कई दिनों से देख रही थी मानवीय संवेदना समिति नाम की सामाजिक संस्था यहाँ निःशुल्क प्याऊ खोले हुए है समिति के लोग यहाँ निःस्वार्थ भाव से लोगों के सूखे कंठ तर करे है। तो मुझे भी लगा कि इन लोगों के साथ मिलकर इस नेक काम मे सहभागी बनना चाहिए तब मैंने समिति के मनीराम कठैल से कहा कि में भी प्याऊ पर जलसेवा करना चाहती हूं और मैंने स्वतः ही एक टैंकर के तीन सौ रुपये समिति को टैंकर सहयोग के लिए दिए और मैंने अपनी माता जी के साथ प्याऊ पर आकर लोगों को शीतल जल पिलाया। उक्त विचार आज प्याऊ पर पहुंची पॉलिटेक्निक कॉलेज जतारा में अतिथि विद्वान के पद पर पदस्थ विशाखा जैन ने व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि मुझे इस तरह के सामाजिक कार्यो की प्रेरणा विनम्र सागर महाराज जी प्रवचनो को सुनकर मिली। मानवीय संवेदना समिति निःस्वार्थ भाव से यहां जल सेवा का कार्य कर रही है जो कि अनुकर्णीय है। समिति के इरफान अहमद ने बताया कि हम यहाँ जलसेवा विगत दो माह से कर रहे है जहां हज़ारों लोग आकर अपनी प्यास बुझा रहे है। इस अवसर पर समिति के सचिव मनीराम कठैल, प्रवक्ता विनोद राय, सतीस सूत्रकार, दिप्पू सोनी उपस्थित रहे।