टीकमगढ़। शहर के शासकीय पीजी कॉलेज का नाम बदले जाने के विरोध में शुक्रवार 16 जून 2023 को कलेक्ट्रेट कार्यालय में प्रदर्शन किया गया। राजपूत करणी सेना, क्षत्रिय महासभा के पदाधिकारियों ने जिला प्रशासन के फैसले के विरोध में जमकर नारेबाजी की। कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर शासकीय कॉलेज का नाम यथावत रखने की मांग की गई। दरअसल, बीते 1 सप्ताह से शहर के शासकीय पीजी कॉलेज का नाम बदले जाने की चर्चाएं जोरों पर हैं। जबकि साल 2013 में जबलपुर हाईकोर्ट ने सवाई महेंद्र शासकीय पीजी कॉलेज किए जाने के संबंध में आदेश जारी किया था। क्षत्रिय महासभा के जिला अध्यक्ष पुष्पेंद्र सिंह ने बताया कि कॉलेज का तालकोठी भवन महाराज की निजी संपत्ति थी। जिसमें सवाई महेन्द्र इंटर कालेज संचालित होता था। महराजा वीर सिंह जूदेव ने इस आश्वासन के साथ इस भवन को शासन को दिया था कि कालेज के नाम के आगे सवाई महेन्द्र टाइटिल का उपयोग हमेशा किया जाता रहेगा। जब इसका नाम गवर्नमेंट डिग्री कालेज किया गया तो ओरछा रियासत के वर्तमान महराज मधुकर शाह ने 1996 में हाइकोर्ट में अपील प्रस्तुत की। इस अपील पर 17 साल बाद 5 मार्च 2013 को हाइकोर्ट ने फैसला दिया था। जिसमें कालेज का नाम सवाई महेन्द्र स्नातकोत्तर महाविद्यालय अनिवार्य रूप से करने का आदेश दिया गया था।—-जानबूझकर पैदा किया जा रहा विवाद—-क्षत्रिय महासभा के जिला अध्यक्ष पुष्पेंद्र सिंह ने कहा कि कुछ सिरफिरे लोग पिछले कई वर्षों से टीकमगढ़ के इतिहास एवं विरासत से छेड़छाड़ करने में लगे हैं। यहां की पहचान को मिटाना चाहते हैं। करणी सेना के जिला अध्यक्ष राहुल सिंह चौहान ने ज्ञापन के दौरान कहा कि अगर शासकीय पीजी कॉलेज का नाम बदला गया तो विभिन्न सामाजिक संगठन मिलकर इसके खिलाफ आंदोलन करेंगे। इस दौरान पुष्पेंद्र सिंह चौहान, रजऊ राजा, खुमान सिंह, सरदार सिंह, सत्येंद्र सिंह, राघवेंद्र सिंह, आनंद सिंह, लोकेंद्र सिंह परमार, राहुल सिंह, नीलेश सिंह, अनुरूद्ध सिंह, अजय सिंह, राहुल सिंह परमार, रवि राजा, अभय सिंह, अंकित सिंह, रूपेन्द्र सिंह, गोलू राजा व सैकड़ों करणी सैनिक उपस्थित रहें।

