टीकमगढ़। जिला मलेरिरया विभाग द्वारा राय नर्सिंग कॉलेज टीकमगढ़ में गत दिवस डेंगू निरोधक माह जुलाई के उपलक्ष्य में कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में डेंगू, चिकनगुनिया, मलेरिया, फाइलेरिया,जापानी दिमागी बुखार जैसी बीमारियों के नियंत्रण के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई और जिले में उपलब्ध व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी दी गई। प्राचार्य राय नर्सिंग कॉलेज श्री नीरज पाराशर द्वारा विद्यार्थियों को बताया गया कि मच्छर जनित बीमारियों के नियंत्रण में जागरूकता की अहम भूमिका है। क्योंकि साफ पानी मे पैदा होने वाले संक्रमित मादा एडिस मच्छर से डेंगू, चिकनगुनिया और जीका बुखार जैसी बीमारियां वर्षा काल में मच्छरों के उत्पत्ति स्थल बढ़ जाने से सहज ही बढ़ जाती हैं मलेरिया के प्रकरण भी बढ़ जाते हैं अपने घर, विद्यालय, महाविद्यालय, छात्रावास अर्थात अपने सभी आवासो के आसपास विद्यार्थी सप्ताह में एक बार निरीक्षण अवस्य करें । शरीर पर लाल चकत्ते ,तेज बुखार आंखें घुमाने में दर्द आंखों के लाल होने, जोड़ों में मांसपेशियों में दर्द, और सिर दर्द होने पर अस्पताल में जाकर सीवीसी की जांच कराना आवश्यक है खून की जांच में प्लेटलेट्स कम होने पर जिला अस्पताल में एलाइजा जांच कराना चाहिए । जिला अस्पताल में जांच सुविधाएं निशुल्क है । सोशल मीडिया और संचार के माध्यमों से आप सभी विद्यार्थी इस संदेश को घर-घर तक पहुंचा दें। डेंगू ,चिकनगुनिया, जीका बुखार की वैक्सीन नहीं है कोई निश्चित दवा भी नहीं है इसलिए सावधानी बहुत आवश्यक है। जिले में बाईवेक्स और फैल्सीपेरम दो तरह के मलेरिया प्लाज्मोडियम प्रोटोजोआ से होते हैं इस तरह से दो तरह का मलेरिया बुखार सामान्य है। समय पर मलेरिया की जांच कराना आवश्यक है यह जांच सभी स्वास्थ्य केंद्र पर निशुल्क उपलब्ध है। जिला मलेरिया अधिकारी हरिमोहन रावत द्वारा बताया गया कि स्वच्छ और गंदे पानी के उचित प्रबंधन के द्वारा सभी तरह की मच्छर जनित बीमारियों के नियंत्रण में आशातीत सफलता प्राप्त हुई है। अभी तक जिले में इसी उद्देश्य से स्थाई अस्थाई जल स्रोतों में एक लाख से अधिक गैंबुसिया मछली का संचयन किया गया है वर्तमान में जिले में मलेरिया के प्रकरण इस साल अभी सामने नहीं आए हैं और अभी केवल तीन डेंगू प्रकरण पंजीकृत हुए हैं यह सभी स्वस्थ हैं और फोटो कॉल के तहत स्वास्थ्य विभाग द्वारा नियंत्रण के उपाय किए गए हैं सभी से मलेरिया अधिकारी द्वारा प्रति सप्ताह पानी के कंटेनर का पानी बदलने , पानी को ढक कर रखने के लिए अपील की गई और इन बीमारियों के नियंत्रण के लिए शपथ भी दिलाई गईं। कार्यशाला का ध्येय था डेंगू नियंत्रण सबकी चिंता सबकी भागीदारी। कार्यशाला में जीएनएम , बीएससी नर्सिंग के छात्र-छात्राएं, महाविद्यालय का स्टाफ, स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी सम्मिलित रहे।

