टीकमगढ़ । बुंदेलखंड के हजारों वर्ष प्राचीन अतिशय क्षेत्र बंधा जी में आचार्य भगवन विद्यासागर जी महामुनि राज के ओजस्वी शिष्य प्रखर वक्ता मुनि श्री 108 विनम्र सागर जी महाराज अपने संघ 5 मुनिराज एवं दो क्षुल्लक जी के साथ विगत साड़े तीन माह से बंधा जी की पावन धरा पर विराजमान है। उनके सानिध्य में प्रतिदिन श्री जी का अभिषेक एवं शांति धारा चल रही है। देशभर से प्रतिदिन सैकड़ों लोग बंधा जी पहुंचकर धर्म लाभ ले रहे हैं। सोमवार 03 जुलाई 2023 को बंधा जी में आषाढ़ शुक्ला पूर्णिमा दिन सोमवार को करीब ढाई हजार पूर्णमासी शांति कलश स्थापित किए जाएंगे। प्रदीप जैन बम्होरी ने बताया कि इस पूर्णमासी को 10,000 से अधिक लोगों की आने की संभावना है। रविवार शाम को हजारों लोग बंधा जी पहुंच चुके हैं। बंधा जी ट्रस्ट एवं प्रबंध समिति द्वारा आयोजन की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। कमेटी के अनोज जैन, कमलेश जैन, बल्ले जैन , महेश चौधरी, महेंद्र जैन ने बताया कि मुनि श्री 108 विनम्र सागर जी संघ का चातुर्मास बंधा जी में होने जा रहा है। 16 जुलाई को चातुर्मास कलश की स्थापना होगी। मुनि श्री विनम्र सागर जी महाराज के प्रवचन र्ऑनलाइन चैनल के माध्यम से देश और दुनिया के हजारों लोग घर बैठे सुन रहे हैं। मुनि श्री विनम्र सागर जी महाराज द्वारा बंधा जी में पूर्णमासी शांति कलश की स्थापना मुनि संघ के सानिध्य में विगत 4 माह से की जा रही है। जिन लोगों ने पिछले माह अपने कलश स्थापित किए थे वे इस पूर्णमासी को अपने कलश घर ले जाकर स्थापित करेंगे। देश विदेश से हजारों लोग शांति कलश के माध्यम से बंधा जी क्षेत्र के मूलनायक महा अतिशय कारी चमत्कारी अजितनाथ भगवान से जुड़कर अपने जीवन को बदल रहे हैं। मुनि श्री विनम्र सागर जी महाराज ने प्रवचन के माध्यम से कहा कि छोटी सी बेटी को माता पिता ने बहुत लाड प्यार से पाला, अच्छी शिक्षा दी ।परिवार के लोगों ने बेटी को सब कुछ सिखाया जो बेटी के जीवन में काम आता है। मुनि श्री ने कहा कि मां के अंदर भावनाओं का अटूट भंडार भरा होता है बेटी जब विवाह योग्य हो जाती है मां बेटी को समझाती है जो तुम्हें सुख देता है और जो तुम्हें दुख देता है। जिसे तुम प्रेम करते हो उसे धर्मी बनाओ जिससे तुम्हें दुख मिलता है, जिससे नफरत करते हो उसे भी धर्म के रास्ते पर ले जाकर धार्मिक बनाओ। निश्चित एक दिन उसका जीवन भी बदल जाएगा और वह नफरत की जगह प्रेम करने लगेगा। मुनि श्री ने कहा कि पत्नी के साथ धर्मपत्नी लगता है पति के साथ धर्म पति नहीं लगता हर मां अपनी बेटी को अच्छी शिक्षा देती है अच्छे संस्कार देती है। मां के दिए हुए संस्कारों से ससुराल में बेटी को आदर्श बहू का दर्जा मिलता है। मुनि श्री ने कहा कि नफरत को प्रेम में बदलो नफरत करने वाले को धार्मिक बनाओ। प्रेस को यह तमाम जानकारी नगर टीकमगढ़ की नंदीश्वर कॉलोनी निवासी प्रदीप जैन बम्होरी वालों ने व्हाट्सएप के माध्यम से प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी है।

