टीकमगढ़। पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देशानुसार आज दिनांक 26 जुलाई 2023 को ट्राफिक थाना टीकमगढ़ में पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सीताराम के मार्गदर्शन में एसडीओपी टीकमगढ़ सुश्री प्रिया सिंधी एवं ट्रैफिक थाना प्रभारी श्रीमती पूर्णिमा मिश्रा के द्वारा टीकमगढ़ नगर की स्कूल बस एवं टैक्सी ड्राइवरों की मीटिंग लेकर स्कूली बच्चों हेतु उपयोग किए जाने वाले वाहनों की सुरक्षा के संबंध में निम्नलिखित आवश्यक दिशा निर्देश देकर उनका कड़ाई से पालन किए जाने हेतु निर्देशित किया गया
स्कूल बसें किसी भी प्रकार की दुर्घटना का शिकार ना हों इसके लिए सबसे पहले आप लोग स्पीड गर्वनर और बस फिटनेस टेस्ट आवश्यक रूप से कराये।
अगर किसी भी प्रकार से स्कूल बस दुर्घटना का शिकार होती है तो ड्रायवर और क्लीनर के साथ ही स्कूल संचालक पर भी आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाएगा। बसों के परमिट तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिये जाएंगे।
बस का रंग पीला होना चाहिए आगे पीछे स्कूल बस लिखा हो।
किसी एजेंसी से बस अनुबंध पर ली है तो उस पर आॅन स्कूल डियूटी लिखा होना चाहिए।
बसों में फस्र्ट एड बाॅक्स होना चाहिए।
परिवहन विभाग द्वारा मंजूर स्पीड गर्वनर होना चाहिए।
बस में सुरक्षा के लिए होरिजांटल ग्रिल लगी होनी चाहिए। बस में आग बुझाने के उपकरण होना चाहिए।
बसों पर स्कूल का नाम और फोन नंबर लिखा होना चाहिए।
बस में सीट के नीचे बैंग रखने की व्यवस्था होनी चाहिए।
बस ड्रायवर को कम से कम 5 साल हैवी व्हीकल चलाने का अनुभव होना चाहिए।
बच्चों की देखबाल के लिए बस में कंडक्टर टीचर माता पिता और अभिभावक में से कोई एक जरूर होना चाहिए। लाल बत्ती क्राॅस करने लेन अनुशासन का उल्लघंन करने या अनाधिकृत्य व्यक्ति को वाहन चलाने की अनुमति देने जैसे अपराधों के लिए साल में दो बार से अधिक चालान किए गए चालक को नियोजित नही किया जा सकता है। ड्रायवर के खिलाफ कोई चालान नही होना चाहिए न आपराधिक रिकार्ड हो पुलिस बैरीफिकेशन कराया जाना सुनिश्चित करें।
स्कूल प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि प्रत्येक स्कूल बस में आपातकालीन निकासद्वार हो।
बस में जीपीएस और सीसीटीव्ही अनिवार्य रूप से हों, वह लगातार काम करें इसके लिए समय-समय पर चैकिंग हो।
बस में पर्दे या शीशे पर काली फिल्म न हो ताकि अंदर की गतिविधियां दिख सके।
बस में अंदर पर्याप्त रोशनी होना चाहिए।
बच्चों की सुरक्षा के लिए बसों की सीट गैर ज्वलनशील सामग्री होना चाहिए।
बसों पर अनिवार्य रूप से रिफ्लेक्टिव टेप और स्टाॅप लाइन होना चाहिए।
बस चालकों के पास बैध रजिस्ट्रेशन फिटनेस परमिट पीयूसी और बीमा होना चाहिए।
स्कूल बस में स्टेपनी टायर और मरम्मत किट होना चाहिए।
बस में इमरजेंसी सायरन और आलर्म बेल होना चाहिए।
बस चालक ड्रायविंग करते समय मोबाइल पर बात न करें।
बारिश के मौसम में पुल पुलिया पर पानी अधिक होने पर पुलिया पार न करें।
बस में क्षमता के अनुसार ही बच्चों को बैठाया जाए।
स्कूल संचालक समय-समय पर ड्रायवर की ट्रेनिंग और काउंसलिंग करें।
स्कूल प्रबंधक व संचालक जीपीएस और सीसीटीव्ही के जरिए बसों पर निगरानी रखें।
बसों के दरवाजे अंदर से बंद हो इसकी व्यवस्था रहे।
स्कूल प्रबंधक समय-समय पर पालकों और बच्चों से ड्रायवर का फीडबैक लें।
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