टीकमगढ़ । उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष आरके सिंघई सदस्य डॉ प्रीति सिंह परमार एवं डॉ संजीव सिंह के द्वारा एक मामले में फैसला सुनाया गया है मामले की जानकारी देते हुए उपभोक्ता फोरम की सदस्य डॉक्टर प्रीति सिंह परमार ने प्रेस को व्हाट्सएप के माध्यम से प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए बताया कि परिवादी गली अहिरवार तनय भदैया अहिरवार के पुत्र की मृत्यु 31.10 .2015 को विद्युत करंट लगने के कारण हुई परिवादी नहीं है परिवाद ने यह परिवाद प्रतिपक्षी गणों विद्युत लाइन के तार लापरवाही पूर्वक लटकाने के कारण परिवादी के पुत्र की मृत्यु पर सेवा में कमी के फल स्वरुप धारा 35 उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 के अंतर्गत क्षतिपूर्ति के लिए प्रस्तुत किया आवेदक का पुत्र गोवंदी अहिरवार 13.10 2015 को बिजली के करंट लगने से जिसकी मृत्यु हुई मौके पर कई लोगों की विद्युत मोटर भी जल गई गोविंदी के नहाते समय पाइप में करंट आने से उसकी मृत्यु हुई परिवादी द्वारा मानव अधिकार आयोग ,पुलिस अधीक्षक, उपसचिव ,सभी को शिकायत की गई लेकिन मुआवजा राशि का भुगतान नहीं किया गयाl, आवेदक ने अपने साक्ष्य में मानव अधिकार आयोग को की गई शिकायत पुलिस अधीक्षक उपसचिव को की गई शिकायत अकाल मृत्यु की सूचना शव परीक्षण आवेदन शव परीक्षण प्रतिवेदन मृत्यु प्रमाण पत्र समस्त दस्तावेज पेश किए उपभोक्ता आयोग ने कहा विद्युत लाइन की सुरक्षा का उत्तरदायित्व और सुरक्षित रूप से विद्युत मोटर का उपयोग उपभोक्ताओं को विद्युत का अंतरण प्रतिपक्षी का उत्तरदायित्व है परंतु इस संबंध में सुरक्षा के साधनों को ना अपना कर यदि कोई चूक होती है तो उससे प्रभावित व्यक्ति उपभोक्ता की श्रेणी में आता है मानव अधिकार आयोग एवं पुलिस अधीक्षक
को आवेदन शव परीक्षण समस्त दस्तावेजों के निरीक्षण एवं परीक्षण में स्पष्ट रूप से मृत्यु का कारण विद्युत करंट है अतः प्रति पक्षी की विद्युत आपूर्ति की सुविधा में सावधानी का अभाव रहा हैl इसी कारण उच्च वोल्टेज होने से विद्युत आघात से मृत्यु हुई है lअतः प्रति पक्षी आवेदक को ढाई लाख रुपए की राशि परिवाद प्रस्तुत करने के दिनांक से अदायगी दिनांक तक 07 प्रतिशत वार्षिक दर से भुगतान किया जावे साथ ही 3000 रुपए प्रथक से वाद् व्यय भुगतान किया जावे l
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