टीकमगढ़। द एसोसियन वी क्लब ऑफ़ इंडिया ऑफ़ इंडिया 32जी2 बी क्लब शक्ति सत्र 2023- 24 का जन्माष्टमी सेलिब्रेशन कृष्ण यशोदा ड्राइंग कंपटीशन नगर के स्थानीय नजर बाग प्रांगण में स्थित शासकीय कन्या विद्यालय में रखा गया। जिसमें प्रथम द्वितीय तृतीय पुरस्कार भी बांटे गए बच्चों को कृष्ण और यशोदा के संबंध के बारे में बताया गया करीब 70 बच्चों ने इस प्रतियोगिता में भाग लिया जिसमें क्लब की तरफ से सीट और मोम के कलर प्रतियोगिता के लिए दिए गए। 70 बच्चों के पांच-पांच के ग्रुप बनाए गए पांच ग्रुपों के अलग-अलग नाम रखे गए यशोद का पहला ग्रुप यशोदा का दुलारा, दूसरा ग्रुप यशोदा का कान्हा, तीसरा ग्रुप यशोदा का लाल, चौथा ग्रुप यशोदा का नंदलाला, पचमा ग्रुप यशोदा का कृष्णा ,इस तरह से प्रतियोगिता संपन्न की गई समस्त स्टाफ शिक्षिकाओं और वी क्लब शक्ति के पदाधिकारी और बच्चों के साथ। जिसमें असिका देवी अहिरवार प्रथम,सानिया दूसरा,तीसरा पुरस्कार से नवाजा गया।क्लव की अध्यक्ष महक अग्रवाल का कहना था यशोदा और कान्हा का संबंध,एक यादव कन्या थी भागवत पुराण के अनुसार कृष्ण का जन्म मथुरा के राजा कंस के कारागार में हुआ लेकिन कृष्ण के पिता वासुदेव नवजात कृष्ण को अपने चचेरे भाई नंद बाबा के पास गोकुल में ले गए ताकि कृष्ण को मथुरा के राजा और देवकी के भाई कंस से उनकी रक्षा की जा सके कृष्ण का पालन पोषण भी यशोदा ने किया इसी वजह से यशोदा कृष्ण का संबंध बहुत गहरा है। इसके साथ ही कुछ बातें और भी हैं कृष्ण के बारे में भगवान श्री कृष्ण ने श्री वासुदेव की पत्नी देवकी के गर्व से रोहिणी नक्षत्र में रात 12 बजे के करीब जन्म लिया था जन्म लेते ही उनके पिता वासुदेव जी उन्हें मथुरा की यमुना के पार गोकुल धाम के प्रमुख नंद की पत्नी यशोदा के पालने में छोड़ आए थे माता यशोदा ने उन्हें अपना पुत्र समझकर ही पाल पोषकर बड़ा किया। श्री कृष्णा जब छोड़ गए यशोदा मैया को तो इतिहास साक्षी है कि देवकी और रोहणी कम लेकिन यशोदा की चर्चा ज्यादा होती है क्योंकि उन्होंने ही कृष्ण को बेटा समझ कर पाल पोसकर बड़ा किया और एक आदर्श मां बनकर इतिहास में अजर अमर हो गई महाभारत और भागवत पुराण में बालक कृष्ण की लीलाओं के अनेक वर्णन मिलते हैं जिनमें यशोदा को ब्रह्मांड के दर्शन माखन चोरी और उनको यशोदा द्वारा उखल से बांध देने की घटनाओं का प्रमुखता से वर्णन किया जाता है भगवान श्री कृष्ण ने अनेक लीलाओं से यशोदा मैया को परम सुख दिया इस प्रकार 11 वर्ष से 6 महीने तक माता यशोदा के महल में कृष्ण की रासलीला चलती रही। इसके बाद कृष्ण को मथुरा ले जाने के लिए अकूर जी आ गए यह घटना यशोदा की बहुत ही दुखद रही यशोदा चिंतित हो गई क्योंकि उनका पुत्र उन्हें छोड़ कर जा रहा था इसलिए यशोदा और कान्हा का संबंध बहुत ही अलग प्रकार का रहा भगवान श्री कृष्ण और यशोदा मां की यह लीला संसार को एक संदेशा भी देता है कि गर्भ से पैदा होना जरूरी नहीं यदि मां वाकई में कर्तव्य निष्ठा हो तो। उपस्थिति वी क्लब पदाधिकारी अध्यक्ष महक अग्रवाल, कार्यक्रम में जिला उपाध्यक्ष निधि चौहान कोषाध्यक्ष वी गीता रैकवार ,सदस्य वी सोनिया गौहर ,सदस्य वी प्रीति रैकवार ,संचालक मंडल वी रीना लुकमान,सहित सभी सखियां उपस्थिति रही एवं कन्या विद्यालय का समस्त स्टाफ भी उपस्थित रहा प्रतिभागी बच्चों के नाम: पायल बुनकर ,भावना अहिरवार, भारती अहिरवार ,सानिया, सोनिया ,असिका देवी अहिरवार, अमृता प्रजापति ,जय देवी रैकवार हेमलता रैकवार, काव्य।,सपना रैकवार काजल बानो, मान्य।रजक, मोहिनी अहिरवार साधना विश्वकर्मा। कार्यक्रम के अंत में सभी बच्चों को बधाइयां देते हुए और कृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं देते हुए क्लब की सदस्य वी सोनिया गौहर जी का जन्म दिवस मनाया गया केक काटकर सभी सखियों के साथ और साथ ही सभी बच्चों को मुंह मीठा कर भरपूर आनंद लिया गया। प्रेस को यह तमाम जानकारी वी क्लब शक्ति की अध्यक्ष श्रीमती महक अग्रवाल ने व्हाट्सएप के माध्यम से प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी है।