टीकमगढ़। म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देषानुसार एवं माननीय हितेन्द्र सिंह सिसौदिया प्रधान जिला न्यायाधीश,अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण टीकमगढ़ के मुख्य आतिथ्य में आज मातृ पितृ छाया वृद्धाश्रम टीकमगढ़ में विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण माननीय हितेन्द्र सिंह सिसौदिया एवं माननीय विनोद कुमार पाटीदार अपर सत्र न्यायाधीश एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने उपस्थित वृद्धजन से कहा कि बुढ़ापा बहुधा बचपन का पुर्नगमन होता है। इस समय मनुष्य की इच्छाएं तीब्र व मनुष्य जीवन की आशाएं असीमित हो जाती है। वृद्धावस्था के आनंद एवं कुंठाएं सभी इच्छा व आशा की पूर्ति नहीं हो पाने के कारण निराशा व हताशा जीवन में आ जाती है। संसार परिवर्तनशील है इसके कण-कण में प्रत्येक क्षण परिवर्तन का चक्र चला करता है। न्यायाधीष ने कहा कि आज जो बालक है, कल को वह वृद्ध हो जाता है। वृद्धावस्था में व्यक्ति शारीरिक, मानसिक रूप से कमजोर हो जाता है इच्छाओं की वृद्धि एवं आशाओं का बढ़ाव इस काल में चरम सीमा पर होता है। साथ ही बताया कि हर इंसान तनाव, अवसाद, चिंता और अनिंद्रा जैसी समस्याओं से जूझ रहा है, लेकिन कोई भी इस पर खुलकर बात नहीं करता है। आमतौर पर लोग अनदेखी ही कर देते हैं। हालांकि वे कई तरह की मानसिक बीमारियों से ग्रस्त होते हैं। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है कि आप कौन है, मेंटल हेल्थ सभी लोगों के लिए एक बुनियादी मानव अधिकार है। उक्त कार्यक्रम में उपस्थित वृद्धजन का स्वास्थ्य संबंधी परीक्षण डाॅ. प्रवेश दीक्षित द्वारा किया गया। इस अवसर पर जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री बृजेन्द्र सिंह भदौरिया, डाॅ. हर्षित तिवारी, श्री संदीप खरे डिप्टी चीफ एल.ए.डी.सी.एस. टीकमगढ़, मातृ शक्ति संगठन की अध्यक्ष श्रीमती श्रद्धा सिंह चैहाऩ श्रीमती रेखा नायक, निशा, जया सिंह सहित, विधिक सहायक दीपेश कुमार जैन एवं वृद्धजन उपस्थित रहे।

