टीकमगढ़। नगर के वार्ड क्रमांक 1 अनगढा़ सौंरयाना बस्ती में निवासरत एक मजदूर आदिवासी युवक खुमान जो कि करीब डेढ़ साल से अपनी पैरों की बीमारी से जूझ रहा है जिसका कहना है कि मेरे पास जितने पैसे थे उतने का में इलाज भी करा चुका हूं लेकिन मेरी बीमारी ठीक नहीं हुई है अब मेरे पास इलाज के लिए पैसे भी नहीं है इस युवक का पूरा परिवार है बीवी सहित तीन बच्चे हैं जो छोटे-छोटे हैं जिनका भरण पोषण लालन पालन भी मुश्किल हो गया है इस युवक के पैरों में बीमारी है जहां पैरों में फोड़े फुंसी आदि होते हैं जहां उसकी यह बीमारी ठीक नहीं हो रही है यह आदिवासी मजदूर युवक करीब डेढ़ साल से अचल अवस्था में है जिसका परिवार अब भूखों मरने की कगार पर है जब इस आदिवासी युवक से प्रेस ने बातचीत की तो उसने रोते हुए अपनी व्यथा सुनाई और कहा कि मैं अब मजदूरी करने नहीं जा पा रहा हूं जिसके चलते मेरा और मेरे परिवार का भरण पोषण नहीं हो पा रहा है मेरे पास पैसे भी नहीं है मैं मजदूरी नहीं कर पा रहा हूं जिस कारण मेरा परिवार नहीं चल पा रहा है और मेरी बीमारी भी ठीक नहीं हो रही है रोते हुए इस आदिवासी मजदूर युवक ने शासन, जिला प्रशासन से गुहार लगाई है कि मेरी मदद की जाए और मेरी बीमारी का इलाज कराया जाए।