वहीं मेले का उद्घाटन बड़ागांव थाना प्रभारी त्रिवेंद्र त्रिवेदी ने फीता काटकर किया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में सीएसी डॉ काशीराम असाटी एवं श्याम सुंदर दीक्षित उपस्थित रहे। सर्वप्रथम मां सरस्वती जी का पूजन वंदन अर्चन किया गया। तत्पश्चात मेले का शुभारंभ किया गया। आज का मेला खेल खिलौने गुड्डे गुडियों झूले भीड़भाड़ वाले से मेले से एकदम हटकर। एक भय मुक्त आनंददाई वातावरण में शिक्षा के लिए शैक्षिक मेला था । जिसमें बच्चों का पालकों के समक्ष बौद्धिक शारीरिक मौखिक भाषा ज्ञान गणित की पूर्व तैयारी एवं बच्चों का कोना के तहत कौशल का सकारात्मक रूप से सीखने के स्तर को देखा गया इसअवसर पर थाना प्रभारी त्रिवेंद्र त्रिवेदी ने कहा कि बच्चों को इस मेले जैसे अवसर प्रदान किए जाएं तो बच्चों के अंदर छिपी प्रतिभाओं को हम एक आनंददायक वातावरण में निखार सकते हैं ।
एफ एल एन मेला प्रभारी शिक्षक संजय जैन (राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षक) ने कहा कि यह मेला एक येसी पहल है जिससे बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान विकास के साथ-साथ बच्चों के विभिन्न कौशल क्षमताओं में इंद्रधनुषी रंग भरकर मनोबल और प्रोत्साहन बढ़ाना है आज के मेले से बच्चों में उत्साह का माहौल रहा निश्चित ही इस प्रकार के मेले से बच्चों की झिझक दूर होगी और वह स्वतंत्र रूप से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे । मेले में बच्चे अपने अपने अभिभावक माता पिताओं को साथ में लेकर आए। आज के मेले में कुल 6 स्टॉल लगाए गए थे सर्वप्रथम रजिस्ट्रेशन के बाद पहला स्टॉल शारीरिक विकास जिसमें संतुलन बनाकर चलना कूदना पेपर फोल्डिंग आदि के माध्यम से क्षमताओं का स्तर देखा गया। द्वितीय स्टॉल बौद्धिक विकास को लेकर हुआ जिसमें मिलान रंग पहचान वर्गीकरण और क्रम से लगाना गतिविधियां कराई गई तृतीय स्टाल भाषा विकास को लेकर हुआ जिसमें चित्र बाचन के आधार पर प्रश्नों के जवाब देना चित्र में क्या हो रहा है आदि वर्णों शब्दों को पढ़ना,अक्षर का पढ़ने एवं वाक्य का पढ़ना आदि शामिल था। चतुर्थ स्टाल गणित की पूर्व तैयारी को लेकर था जिसमें आकृति पहचान जैसे त्रिभुज गोला स्टार आयत वर्ग आदि गिनना अंक पहचान एवं जोड़ घटाव शामिल था । पांचवा पांचवा स्टाल बच्चों का कोना जिसमें शारीरिक विकास जैसे रंग भरना भाषा अक्षर सरल शब्द नाम लिखना एवं सामाजिक भावनात्मक विकास भाव पहचान आदि गतिविधियां आयोजित कराई गई। सभी स्टालों पर सीनियर बच्चों ने बैठकर गतिविधियां करवाई। बच्चों की सहभागिता क्षमता के आधार पर मेला रिपोर्ट कार्ड तैयार कर वितरित किए गए,शिक्षकों ने भी इसे सफलता के शिखर पर ले जाने में अपने सार्थक प्रयास कर ये साबित कर दिया कि हम शिक्षक हैं हम शिक्षा की तस्वीर बदल देंगे। भारत के नन्हे मुन्ने की तकदीर बदल देंगे।मेले के प्रति बच्चो एवम उनकी माताओं में बहुत ही उत्साह देखा गया। आज के मेले में बच्चों के माता समूह गंगा समूह जमुनासमूह सरस्वतीसमूह बेतवासमूह सरयू समूह ने बहुत ही सराहनीय सहयोग किया। इस अवसर शिक्षक कैलाश चंद्र जैन संजय कुमार जैन लखन लाल विश्वकर्मा कैलाश नामदेव सहित ग्राम के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

