टीकमगढ़। नन्ही चिड़िया गौरैया को बचाने के लिए 20 मार्च को विश्व गौरैया दिवस मनाया जाता है। इस अवसर पर जिला मुख्यालय के ग्राम नयाखेरा में स्थित शासकीय माध्यमिक शाला में विश्व गौरैया दिवस मनाया गया। इस अवसर पर शाला में चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की गई। बच्चों ने गौरैया चिड़िया एवं अन्य पक्षियों के बहुत सुंदर चित्र बनाएं यह जानकारी देते हुए शाला के शिक्षक विवेक खरे द्वारा बताया गया कि विश्व गौरैया दिवस को मानते हुए बच्चों को पक्षियों के प्रति दया एवं सहानुभूति का भाव रखने की समझाइश दी गई। गर्मी के मौसम में पक्षियों के लिए अपने-अपने घरों पर दाना एवं पानी की व्यवस्था करने की बात कही गई। उपस्थित सभी बच्चों ने अपने-अपने घरों पर पक्षियों के लिए दान एवं पानी की व्यवस्था करने का संकल्प लिया, इसी कड़ी में स्कूल मे भी पक्षियों के दाना पानी के लिए सकोरे लगवाए गए ताकि गर्मी में पक्षी पानी की कमी से परेशान ना हो इस अवसर पर शाला की समस्त शिक्षक एवं ग्रामीण जन उपस्थित रहे।
इसी तारतम्य में तहसील टीकमगढ़ की प्राथमिक शाला बड़माड़ई में एक चिड़िया के लिए घोसला बना कर प्राथमिक शिक्षक श्रीमती शाहीन खातून सहित समस्त स्टॉफ ने गौरैयों के बसेरे के लिए योगदान देकर दिया एक बड़ा संदेश।
घोंसला बनाना सिखाना है मानसिकता बदलना :
स्कूलों में कार्यक्रम के हिस्से के रूप में, स्कूली बच्चों को जूट, नारियल के रेशे, बांस के छल्ले, कपास, धागे और एक चूड़ी से केवल 40 मिनट में घोंसला बनाना सिखाते हैं। ये घोंसले विशेष रूप से केवल गौरैया के लिए डिज़ाइन किए गए हैं, छेद और एक छड़ी के बीच पांच अंगुल की जगह रखते हैं। जिससे अन्य पक्षियों के लिए अंदर जाना और अंडे या बच्चों को नुकसान पहुंचाना असंभव हो जाता है।