टीकमगढ़। जिले में सरकारी दफ्तरों की हालत बहुत ही खराब है जहां बगैर सांठ-गांठ के कोई काम नहीं होता लंम्बे अरसे से विभागों में जमे अधिकारी-कर्मचारी लगातार भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे हैं और जनता जनार्दन को निचोड़ रहे हैं इन हालातो से चाहे सत्ता पक्ष के जन प्रतिनिधि हों ,या फिर विपक्ष के, या फिर जिले के चाहे वरिष्ठ अधिकारी हों, सभी जानते हैं लेकिन इस और कार्यवाहियां जीरो नजर आती हैं। जिले का प्रभार प्रभारी मंत्री के रूप में दिया तो जाता है लेकिन शायद प्रभारी मंत्री तक यह हालत या तो पहुंचते नहीं हैं या फिर पहुंचते हैं तो कार्यवाही नहीं होती है यह समझ से परे है। जी हां हम बात कर रहे हैं जिले के सरकारी दफ्तरों की जिला कलेक्टर कार्यालय संयुक्त भवन परिसर में लगने वाले सरकारी दफ्तरों में वर्षों से अधिकारी,कर्मचारी एक ही स्थान पर अपनी जड़े जमा कर बैठे हुए हैं जिन्हैं शासन, प्रशासन के नियम निर्देश कोई मायने नहीं रखते लगातार इन्हें देखकर ऐसा लगता है कि शायद उनकी सर्विस की जॉइनिंग भी यही हुई और रिटायरमेंट भी यहीं से होगा। जिला कलेक्टर कार्यालय संयुक्त भवन परिसर में लगने वाले शासकीय दफ्तरों में और जिले के अन्य शासकीय कार्यालयों में अधिकारी-कर्मचारी वर्षों से एक ही स्थान पर जमे हुए हैं और चैन की बंशी बजाकर अपनी सर्विस का समय निकाल रहे हैं लेकिन उनके एक ही स्थान पर रहने से भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है और लोग परेशान होते रहते हैं जिले के इन हालातो से जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ जिले के अधिकारी अंजान बने हुए हैं वहीं प्रभारी मंत्री भी इस और कोई कदम नहीं उठाते जिसके चलते ऐसे अधिकारी-कर्मचारी लगातार अपने मंसूबों में सफल हो रहे हैं जिसका खामियाजा जिले की जनता जनार्दन भुगतती दिखाई देती है।

