टीकमगढ़ । जिले में आजकल शासन के निर्देश अनुसार ग्राम पंचायतों में हितग्राहियों को उनके आवासीय स्वामित्व के पट्टे बांटे जा रहे हैं लेकिन यह आवासीय पट्टे मजाक बने दिखाई दे रहे हैं बीते 04 जनवरी 2023 को टीकमगढ़ जनपद की ग्राम पंचायत वकपुरा के सिद्ध शक्तिपीठ बगाज माता मंदिर पर पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का कार्यक्रम था जिसमें उन्होंने जतारा जनपद और मोहनगढ़ क्षेत्र की ग्राम पंचायत केशवगढ़ के चार हितग्राहियों को अपने निजी हाथों से इस कार्यक्रम के दौरान आवासीय स्वामित्व के पट्टे दिए थे लेकिन आज तक उन हितग्राहियों को उनके उन आवासीय स्वामित्व के पट्टे की जमीन जिला प्रशासन उपलब्ध नहीं करा पाया उसके बाद भी आवासीय स्वामित्व के पट्टे बांटे जा रहे हैं इन हालातो को देखकर ऐसा लगता है कि यह आवासीय स्वामित्व के पट्टे मजाक बन रहे हैं। जतारा जनपद और मोहनगढ़ क्षेत्र की ग्राम पंचायत केशवगढ़ के सरपंच प्रतिनिधि पुष्पेंद्र जैन ने बताया कि बीते 04 जनवरी 2023 को बगाज माता मंदिर प्रांगण में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का कार्यक्रम था जिन्होंने केशवगढ़ ग्राम पंचायत के चार हितग्राहियों को अपने हाथों से कार्यक्रम के दौरान आवासीय स्वामित्व के पट्टे दिए थे जिनको आज तक जमीन उपलब्ध नहीं हो पाई है पुष्पेंद्र जैन केशवगढ़ ने यह भी बताया कि ग्राम पंचायत केशवगढ़ में जो जमीन शासन की आवासीय और खेल प्रांगण आदि के लिए है वह अतिक्रमण की चपेट में है जिसको जिला प्रशासन आज तक खाली नहीं करा पा रहा है और उसी जमीन के पट्टे दिए गए थे जहां वह पट्टेधारी आज भी बगैर आवासीय स्वामित्व की जमीन के बगैर हैं केवल उनके पास आवासीय स्वामित्व के नाम पर कागज के टुकड़े हैं जमीन उन्हें नहीं मिली है। पुष्पेंद्र जैन केशवगढ़ ने यह भी बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कार्यक्रम में ग्राम पंचायत केशवगढ़ के 66 लोगों की लिस्ट आवासीय स्वामित्व पट्टों के लिए बनाई गई थी जिसमें से चार लोगों देवेंद्र केवट,सोनू केवट, कल्लन अहिरवार और अरविंद आदिवासी को पट्टे दिए गए थे उन्हें आज तक जमीन नहीं मिली है केवल पटट्टे ही मिले हैं वहीं 62 लोगों को तो पट्टे ही आज तक नही दिए गए हैं। सरपंच प्रतिनिधि पुष्पेंद्र जैन केशवगढ़ ने यह भी बताया कि 26 जनवरी 2025 के बाद में स्वयं प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से मिलूंगा और इन हितग्राहियों की शिकायत भी करूंगा। उल्लेखनीय है कि जिले में इस प्रकार के हालात शासन के कार्यक्रमों के बने हुए हैं जिन्हें देखकर और सुनकर ऐसा प्रतीत होता है कि केवल मजाक चल रहा है शासन,प्रशासन जनता जनार्दन को केवल झांसा दे रही है।

