टीकमगढ़। जिला मुख्यालय के नजदीक सागर रोड पर स्थित जैन धर्म तीर्थ अतिशय क्षेत्र पपौरा जी के ट्रस्ट प्रबंधन का विवाद दिनों दिन गरमाता जा रहा है जहां विवाद की स्थितियां सुलझने का नाम नहीं ले रहीं है जहां बीते रोज एक पक्ष ने ट्रस्ट के पदाधिकारियों को लेकर प्रेस वार्ता की थी। वहीं 15 फरवरी 2025 को ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने प्रेस वार्ता की और पत्रकारों के समक्ष अपनी बात रखी जहां प्रेस वार्ता के दौरान अतिशय क्षेत्र पपौरा जी ट्रस्ट प्रबंधन के पदाधिकारियों का कहना है कि आपसी प्रतिद्वंद्विता और मतभेदों का पूरा मामला है जिसमें अतिशय क्षेत्र पपौरा जी को बेवजह बदनाम किया जा रहा है। ट्रस्ट पदाधिकारियों ने प्रेस वार्ता में कहा कि दूसरे पक्ष द्वारा षड्यंत्र रचकर ट्रस्ट प्रबंधन के कुछ-एक पदाधिकारियों पर एफआरआई कराई गई है। जहां माननीय न्यायालय द्वारा भी ट्रस्ट प्रबंधन से इस संबंध में कोई दस्तावेज नहीं मांगे और एफ आईआर के आदेश कर दिए गए। ट्रस्ट प्रबंधन के पदाधिकारियों का कहना था कि एफआईआर के संबंध में हम लोग माननीय न्यायालय के आदेशों का पालन करेंगे और उच्च न्यायालय तक जाएंगे। पपौरा जी ट्रस्ट प्रबंधन के पुष्पेंद्र जैन केशवगढ़ सहित ट्रस्ट के अन्य पदाधिकारियों ने कहा है कि यह ट्रस्ट प्रबंधन और अतिशय क्षेत्र पपौरा जी का कोई विवाद नहीं है यह आपसी विवाद है जिसमें अतिशय क्षेत्र पपौरा जी को दूसरे पक्ष द्वारा बेवजह बदनाम करने की साजिश की जा रही है। उल्लेखनीय है कि अतिशय क्षेत्र पपौरा जी को लेकर विवाद गहरा रहा है जहां मामला क्या मोड लेगा यह तो आने वाला समय ही बताएगा फिलहाल हम अपने पाठकों को यह बता दें कि जैन तीर्थ अतिशय क्षेत्र पपौरा जी प्रदेश सहित देश में प्रख्यात जैन धर्म तीर्थ क्षेत्र है और इससे सभी की आस्थाएं भी जुड़ी हैं जहां धर्म क्षेत्र तीर्थ की प्रसिद्धता आदि इसका ख्याल भी रखा जाना आवश्यक है।