टीकमगढ़। जिला मुख्यालय पर स्थानीय कोर्ट परिसर में 29 मार्च 2025 शनिवार के दिन अधिवक्ताओं के बीच व स्थानीय होटल में मातृशक्ति द्वारा वन नेशन वन इलेक्शन प्रस्ताव पर चर्चा हुई। मीडिया प्रभारी स्वप्निल तिवारी ने व्हाट्सएप के माध्यम से प्रेस को बताया कि कोर्ट परिसर में हुई वन नेशन वन इलेक्शन के महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को जाने वाले प्रस्ताव पर कोर्ट परिसर में वरिष्ठ अधिवक्ताओं व स्थानीय होटल में मातृशक्ति ने सकारात्मक चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए देश हित में हो रहे इस निर्णय के प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए, कार्यक्रम में मुख्य रूप से भाजपा जिलाध्यक्ष श्रीमती सरोज राजपूत उपस्थित रही जिन्होंने प्रस्ताव को पढ़ा और कोर्ट परिसर में अधिवक्ताओं व स्थानीय होटल में मातृशक्ति से उनकी राय ली, जिसमें साथ में कोर्ट परिसर में मुख्य अतिथि के रूप में स्टेट बार काउंसिल के उपाध्यक्ष आरके सैनी , जिला अधिवक्ता संघ अध्यक्ष अनिल त्रिपाठी, वरिष्ठ अधिवक्ता सरमन लाल पुरोहित, राजेंद्र सिंह बुंदेला, रघुवीर सिंह तोमर, मनीष यादव, पुरुषोत्तम तिवारी,मान सिंह, डीपी यादव,वीआर राजपूत, जवाहरलाल यादव, ओम प्रकाश रैकवार , भूपेंद्र सिंह, प्रियंका रजक अधिवक्ता, भाजपा जिला उपाध्यक्ष रोहित खटीक,वन नेशन वन इलेक्शन जिला संयोजक मनोज देवलिया, स्वप्निल तिवारी , प्रशांत चतुर्वेदी, संकल्प जैन तथा अन्य बड़ी संख्या में अधिवक्ता गण उपस्थित रहे । स्थानीय होटल में हुए मातृशक्ति के कार्यक्रम में मुख्य रूप से पूर्व प्राचार्य इंद्रजीत जैन , पूर्व महिला मोर्चा अध्यक्ष सुशील राजपूत,महिला मोर्चा अध्यक्ष विभा श्रीवास्तव, जिला मंत्री पूनम अग्रवाल , नगर मंडल अध्यक्ष नरेश तिवारी, महिला मोर्चा महामंत्री पूनम परमार, मीरा खरे, शक्ति दौंदरिया व बड़ी संख्या में मातृ शक्ति की बहनें आदि उपस्थिति रहे। भाजपा जिलाध्यक्ष श्रीमती सरोज राजपूत ने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि एक राष्ट्र एक चुनाव की अवधारणा के समर्थन में एक प्रस्ताव प्रस्तुत करते हैं, जिसका उद्देश्य भारत की लोकतांत्रिक ढांचे को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और आर्थिक रूप से सुदृढ़ बनाना है। एक राष्ट्र एक चुनाव की प्रक्रिया में संसद में प्रस्तुत विधेयक को पारित कर इसी कानूनी रूप दिया जाएगा, चुनाव आयोग को आवश्यक तकनीकी और प्रशासनिक संसाधन उपलब्ध करायें व यही आशा है इसमें सभी राजनीतिक दल आम सहमति बनाकर इसे आगे बढ़ाएं। चुनाव आयोग को बार-बार धनराशि खर्च करनी पड़ती है एक साथ चुनाव होने से चुनावी खर्च में कटौती होगी जिससे धन का अधिक सदुपयोग होगा , जिससे आम नागरिक के जीवन में आने वाली सुविधाजनक उपयोगी योजनाएं लागू करने में मदद मिलेगी।

