टीकमगढ़। केन्द्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री क्त. टपतमदकतं ज्ञनउंत के मुख्य आतिथ्य में आज जिला मुख्यालय टीकमगढ़ स्थित नजरबाग प्रांगण में अनुभव और ऊर्जा विषयक संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में दिव्यांग बच्चों के माता-पिता,दादा-दादी और नाना-नानी सहित उनके परिजनों ने भाग लिया। कार्यक्रम उपरांत केन्द्रीय मंत्री डाॅ. कुमार ने अतिथियों एवं दिव्यांग बच्चों के माता-पिता,दादा-दादी और नाना-नानी के साथ नजरबाग से कोतवाली, ठगन की गली, जवाहर चैक, स्टेट बैंक चैराहे से वापिस नजरबाग तक पैदल मार्च भी किया। कार्यक्रम का शुभारंभ केन्द्र मंत्री डाॅ. कुमार ने अतिथियों के साथ में दीप प्रज्वलन और सरस्वती माता के पूजन के साथ किया। तत्पष्चात उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि आज का यह कार्यक्रम अत्यंत भावुकतापूर्ण है। उन्होंने कहा कि दुनिया में भारत एकमात्र देश भारत है जहां एक पीढ़ी का तीसरी पीढ़ी से स्नेह देखने को मिलता है। किंतु आज मोबाइल युग में बच्चों का दादा दादी के साथ कम होता जा रहा है इसलिए दादा दादी और नातियों की दो पीढ़ियों को आपस में संवाद बनाये रखने के लिए इस अनुभव और ऊर्जा कार्यक्रम के आयोजन का विचार मन में आया और टीकमगढ़ संसदीय क्षेत्र से शुरू कर इस प्रकार के कार्यक्रम का आयोजन समूचे देश में किया जायेगा। इस दौरान कलेक्टर श्री विवेक श्रोत्रिय ने विचार रखते हुए कहा कि केन्द्रीय मंत्री जी ने समाज के बहुत ही संवेदनशील विषय को ध्यान में रखकर यह कार्यक्रम किया है।उन्होंने कहा कि हम सभी के मन में ये विषय आया जरूर लेकिन कभी व्यक्त नहीं कर सके किन्तु आज केन्द्रीय मंत्री जी ने इस कार्यक्रम के माध्यम से जो मंच उपलब्ध कराया है, निश्चित ही इस प्रकार के कार्यक्रम की शुरुआत टीकमगढ़ से होकर निश्चित ही पूरे देश में अलग संदेश जाएगा। दादा दादी, नाना नानी और नाती पोता के साथ संवाद से बच्चे सीख लेते है जो उनके जीवन में एक नई दिशा प्रदान करते हैं।
कार्यक्रम में श्रीमती सरोज राजपूत ने कहा कि मंत्री जी की यह बहुत शानदार पहल है इस कार्यक्रम से मंत्री जी ने दादा दादी और नाती नातिन को आपस मे जोड़ने का मंत्र दिया है। उन्होंने कहा कि आज के समय में नई पीढ़ी को संस्कार देना आवश्यक है जो कि इस कार्यक्रम के माध्यम से संदेश देने का काम मंत्री जी ने किया है। इस दौरान श्री विवेक चतुर्वेदी ने कहा की यह अभिनव कार्यक्रम है आज के आधुनिक मोबाइल युग में दादा दादी का नाती पोता के साथ संवाद बहुत आवश्यक है दो पीढ़ियों को आपस में जोड़ने और परिवार को एक सूत्र में बांधने का संदेश देने के लिए मंत्री जी के द्वारा यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री जी की मंशा पर आयोजित यह कार्यक्रम निश्चित ही दो पीढ़ियों को आपस में जोड़ने की अनूठी पहल है। कार्यक्रम में दादा-दादी एवं नाना-नानी ने अपने अनुभव सुनाए, जिसमें रवि करण त्रिपाठी ने अपने अनुभव सुनाते हुए कहा कि आज की युग में लोग मोबाइल का ज्यादा उपयोग कर रहे हैं, जिससे दादा दादी और नाना नानी से लोग दूर हो रहे हैं एवं उन्होंने कहा कि हमारे यहां तो पड़ोस के लोगों को भी दादा कहते हैं और उनसे आदर से बात करते हैं। श्री सुरेश दोनोरिया ने अपने अनुभव सुनाते हुए कहा कि आजकल जो बच्चों को दादाजी कहानी सुनाती थी वह अब दूरियां बढ़ने लगी हैं इसको प्यार जागृत करने के लिए संसद ने अनूठी पहल की है उसे लोगों को बहुत लाभ होगा कार्यक्रम में बुजुर्ग दादी एवं नानी ने भी अपने अनुभव सुनाए जिससे लोगों को खुशी हुई। इस अवसर पर श्रीमती सरोज राजपूत, श्री विवेक चतुर्वेदी, श्री अनुराग वर्मा, अन्य जनप्रतिनिधिगण, कलेक्टर श्री विवेक श्रोत्रिय, पुलिस अधीक्षक श्री मनोहर सिंह मंडलोई, एसडीएम टीकमगढ़ श्री लोकेन्द्र सिंह सरल, जिला षिक्षा अधिकारी श्री आईएल आठया, पीडीसी श्री आरके त्रिपाठी सहित संबंधित अधिकारीगण तथा स्थानीयजन एवं विभिन्न स्कूलों के बच्चे अपने दादा-दादी उपस्थित रहे।
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