टीकमगढ़। मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशानुसार एवं माननीय प्रधान जिला न्यायाधीश,अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, श्रीमती प्रवीणा व्यासके मार्गदर्शन में विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर परशुराम काॅलोनी, नया बस स्टेण्ड टीकमगढ़, ग्राम लक्ष्मनपुरा, आगनवाडी लक्ष्मनपुरा, धजरई तिगैला, मंदिर प्रागंण, धजरई में विधिक जागरूकता शिविरों का आयोजन किया गया। जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री अनुज कुमार चंसौरिया द्वारा शिविरों में विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर उपस्थित पुरूषों एवं महिलाओं को संबोधन में जानकारी देते हुए कहा किइस आयोजन का मुख्य उद्देश्य बाल श्रम की वैश्विक स्थिति पर ध्यान केन्द्रित करना तथा बाल श्रम को पूरी तरह से समाप्त करने के लिए आवश्यक प्रयास करना है, शिविर में यह भी बताया किबाल श्रम निषेध और रोकथाम संशोधन अधिनियम 2016 के अंतर्गत भारत में 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों को सभी प्रकार के व्यावसायिक कार्यो में लगाने से एवं 14 वर्ष से 18 वर्ष तक के किशोरों को खतरनाक व्यवसायों में लगाने से प्रतिबंधित किया गया है। प्रत्येक वर्ष 12 जून को विश्व में बाल श्रमिकों की दुर्दशा को उजागर करने के लिये सरकारों, नियोक्ताओं और श्रमिक संगठनोंके साथ-साथ दुनिया भर के लाखों लोगों को एक साथ लाने के लिये इस दिवस का आयोजन किया जाता है, ताकि आमजन को बच्चों के शैक्षणिक एवं शारीरिक विकास के लिए जागरूक किया जा सके। इस अवसर पर चीफ एल.ए.डी.एस.राजकुमार लोधी के द्वारा भी उपस्थित आमजन को विभिन्न कानूनी जानकारियां दी गई। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, विधिक सेवा प्राधिकरण के कर्मचारीगण एवं अधिक संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे

