टीकमगढ़ । प्रेस को व्हाट्सएप के माध्यम से प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कांग्रेस के प्रदेश स्तरीय नेता पवन घुवारा ने बताया कि राहुल गांधी का जन्मदिन जन नायक दिवस लोक तांत्रिक समावेशिता मूल्यों के सजग प्रहरी सामाजिक न्याय के पुरोधा संवैधानिक मूल्यों के लिए निरंतर संघर्षरत सत्य अहिंसा और करुणा की राजनीति के प्रतीक लोकसभा में नेता विपक्ष की उपस्थिति ही संविधान का रक्षा कवच है! जन नायक सूर्य सा तेज बुद्ध सी करूणा गांधी सा समावेश नेहरू सा निर्माण पटैल सा लक्ष्य साधना इंदिरा सा संकल्प राजीव सी दृष्टि करोड़ों भारतीयों के आशीष की वृष्टि भारतीय राजनीति की नव चेतना, सामाजिक आर्थिक न्याय जातिगत जनगणना के प्रणेता, साढ़े तीन हज़ार किलोमीटर की भारत जोड़ो यात्रा से सौहाद्र की परंपरा को पुनर्जीवित करने वाले करुणा मय व्यक्तित्व के धनी, जहां बचपन में अपनी दादी का खून बहते देखा, नौजवान होते ही अपने पिता के शरीर के टुकड़े हाथ में उठाए शमशान जाने का दुःख झेला, राजनीती में सक्रीय होते ही लगातार अपमान, निंदा, मजाक और बदनाम करने वाले लाखों शब्दों का अकेले सामना किया, भरी संसद में उनको अपमानित किया गया, मीडिया, सोशल मीडिया, अख़बार, टीवी के ऐंकर खरीदकर दिनरात उनका उपहास बनाया गया, हर तरफ से उन्हें कमजोर साबित करने की कोशिश की, अरबों रूपए उड़ाए गए उनकी छवि ख़राब करने और उनका हौंसला तोड़ने, लेकिन राहुल जी ने कमाल का साहस दिखाया, सारे आरोप गलत साबित किये, सारी बदनामी पलटकर रख दी, दुनिया भर में अपने ज्ञान, अपनी समझ, दूरदर्शिता और वैश्विक नज़रिए का लोहा मनवाया I सटीक भविष्यवाणी की, समय ने उन्हें सही साबित किया, कांग्रेस पार्टी को 54 से 99 और फिर 102 सांसदों तक लेकर आए, संविधान का सही मतलब देश को समझाया, कमजोरों और अत्याचार सह रहे लोगों की आवाज बने और आज देश की सबसे ताकतवर उम्मीद बनकर,सत्ता की आंधी के खिलाफ चट्टान की तरह डटे हैं राहुल गांधी से दो-तीन बार जहां पवन घुवारा को मिलने का अवसर मिला, प्रथम बार करीब डेढ घंटे राहुल को करीब से सुना, पहली बार इतने करीब से उन्हें देखा कि हाथ बढाऊं तो उन्हें छू सकूँ उस दिन मुझे हमेशा के लिए राहुल गाँधी मिल गएI राहुल गाँधी मेरे ज़हन में हैं, हर रोज उनकी वो बातें याद करता हूं भारत जोड़ो यात्रा जैसा कीर्तिमान रचने के पहले उन्होंने कही थी। यकीन मानिए, भारत जोड़ो यात्रा एक ऐतिहासिक यात्रा होगी ये तो किसी को पता नही था,लेकिन राहुल गाँधी कुछ बड़ा करके देश की राजनीती का चेहरा बदलने निकल चुके हैं, ये उस दिन हम सब समझ चुके थेI विपश्यना, तपस्या, त्याग की परिभाषाओं के साथ उन्होंने एक यूनिक डेफिनिशन बताई पूजा और तपस्या में अंतर बताकरI इतनी सरलता से कोई विद्वान पंडित ही व्याख्या कर सकता है जैसी राहुल ने की, उन्होंने कहा जब हमारे मन में कोई मनोकामना हो, मनोरथ हो उसकी प्राप्ति के लिए परमात्मा को प्रसन्न करने के लिए जो क्रिया होती है वो पूजा है, लेकिन जब कुछ पाने की इच्छा के बिना, परमात्मा का नाम लेकर सिर्फ खुद को निर्विकार, निर्मल और निष्कलंक बनाना हो तो वो है तपस्याI यह सुनकर वहां बैठे कई विद्वान समझ गए कि बड़े बड़े उपाध्याय जो धर्म ग्रन्थ सिखाते हैं, उनका धार्मिक ज्ञान भी इतना ऊँचा नही होता जितना ऊँचा राहुल जी का आध्यात्महै I मैं पूरे यकीन से कह सकता हूँ, राहुल ने देश के इतिहास में बहुत सम्मानित स्थान पाया ओर पाऐंगे, आज हो या कल, पर देश राहुल जी को ख़ुशी स स्वीकार करेगा, क्योंकि राहुल इस देश की खुशहाली को अपनी तपस्या मानकर चल रहे हैं और वो इस तपस्या को पूरा करने का माद्दा रखते हैंI राहुल गाँधी आज एक प्रेरणा हैं, जो देश को खुशहाल परिवार की तरह बनाना चाहते हैं। आज संगठन सृजन अभियान में कांग्रेस कार्यकर्त्ता कि पहली जिम्मेदारी है कि वह ऐसा काम करे जिससे इस देश के हर नागरिक को यह देश उसका अपना घर लगे I इस देश को घर और हर नागरिक को परिवार बनाना ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है, जो आज राहुल जी आगे बढ़कर सिखा रहे हैंI ऐसे कर्मवीर योद्धा को हजारों सलाम, ऐसे जांबाज नेता को लाखों सलाम और उनकी बताई राह पर चलने के लिए समर्पित ये जिन्दगी तमाम। राहुल गांधी जी के जन्मदिवस अपर उनके उत्तम स्वास्थ्य की कामना करता हूँ और परमात्मा से विनती है, मा.राहुल गांधी जी को देश की बागडोर देकर, भारत को फिर से अमन, शांति, सामूहिक प्रगति, सांप्रदायिक एकता, सद्भाव और मोहब्बत का भारत बनाने का आशीर्वाद दीजिए, हम उनके साथ मिलकर सबको सबका देश बनाने के लिए जी भर मेहनत करेंगे Iसंकल्प की नई राजनीति की शुरुआत हो शतायु हों। मैं ईश्वर से आपके अच्छे स्वास्थ्य, दीर्घायु व यशस्वी जीवन की कामना करता हूँ।

